उत्तर प्रदेश की चंदौली सीट से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोगों को रोजगार देने के साथ पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के अधिकारों की रक्षा करेगी। अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा बीजेपी की सत्ता को उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की बहाली और रोजगार सृजन है।
बिहार के मॉडल पर काम करेगी सपा
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एबीपी न्यूज़ से बातचीत में सपा सांसद ने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी बिहार की तरह “हर घर सरकारी नौकरी” का ऐलान कर सकती है। उनका कहना था कि सपा के लिए रोजगार और पीडीए समुदाय के अधिकार दो सबसे अहम मुद्दे होंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सपा अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी और बीजेपी के शासन को जड़ से खत्म कर देगी। वहीं, उन्होंने पूर्वांचल में सपा कार्यक्रमों को अनुमति न दिए जाने पर नाराजगी भी जताई।
छठ पर्व की भीड़ पर साधा निशाना
छठ महापर्व के दौरान ट्रेनों में उमड़ने वाली भारी भीड़ पर सांसद वीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब ब्यूरोक्रेट्स ही मंत्री होंगे तो उन्हें जमीनी हकीकत का पता ही नहीं होगा। बिहार में कितनी बेरोजगारी है, इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब सरकार हजारों “स्पेशल ट्रेन” चलाने का दावा करती है, तो फिर यात्रियों को घर पहुंचने में इतनी परेशानी क्यों हो रही है?
तेजस्वी यादव को बताया सही चेहरा
महागठबंधन द्वारा तेजस्वी यादव को सीएम उम्मीदवार घोषित किए जाने पर सपा सांसद ने कहा कि यह फैसला बिल्कुल सही समय पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनना तय है। तेजस्वी यादव युवाओं के भरोसे का प्रतीक हैं और जनता बीजेपी की नीतियों से परेशान हो चुकी है। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यूपी और बिहार दोनों में विपक्ष की एकता ही बीजेपी को सत्ता से बाहर करने की कुंजी बनेगी।