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UPSSSC चयनित अभ्यर्थियों को CM योगी ने दिया नियुक्त पत्र, कहा- युवाओं के लिए नए अवसर के द्वार खोले

Written by:Saurabh Singh
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सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि चयनित मुख्य सेविकाएं और फार्मासिस्ट स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये सभी 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी जिम्मेदारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे।
UPSSSC चयनित अभ्यर्थियों को CM योगी ने दिया नियुक्त पत्र, कहा- युवाओं के लिए नए अवसर के द्वार खोले

लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा चयनित 2,425 मुख्य सेविकाओं और 13 फार्मासिस्टों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि लखीमपुर के जंगलों में रहने वाली थारू जनजाति की बेटियों का चयन इस बात का प्रमाण है कि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी है। उन्होंने बताया कि इस बार दो-दो थारू बेटियों का चयन हुआ, जो इस प्रक्रिया की पारदर्शिता को दर्शाता है। सीएम ने सभी चयनित उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि चयनित मुख्य सेविकाएं और फार्मासिस्ट स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये सभी 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी जिम्मेदारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले भ्रष्टाचार और बेईमानी के कारण युवाओं को नौकरी के लिए न्यायालय का सहारा लेना पड़ता था, जिससे राष्ट्रीय क्षति होती थी। लेकिन अब निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले हैं।

उत्तर प्रदेश की बीमार छवि को बदलने की दिशा में प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि राजनीतिक दलों की गलत नीतियों के कारण मिली थी। 1947 से 1960 के दशक तक यह राज्य देश में अग्रणी था, लेकिन बाद में इसकी स्थिति खराब होती चली गई। 1990 तक हालात और बिगड़ गए और 2017 तक प्रदेश लूट का अड्डा बन गया था। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता, और जहां अवसर मिले, वहां पूरी निष्ठा से काम करना चाहिए।

विकसित भारत का रास्ता गांवों से होकर गुजरता है

सीएम योगी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में बेहतर शिक्षा और पोषण के लिए किए गए कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जर्जर स्कूल भवनों को ठीक करने और बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने के प्रयासों को कुछ राजनीतिक दलों ने गलत तरीके से पेश किया। फिर भी, उनकी सरकार ने इन चुनौतियों का सामना करते हुए बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि 2047 में भारत को विकसित बनाने का रास्ता गांवों, गलियों और आंगनवाड़ी केंद्रों से होकर गुजरता है।