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यूपी में बारिश से किसानों की बढ़ी मुसीबतें, सीएम योगी ने जिलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, फसलों के नुकसान की मांगी रिपोर्ट

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से किसानों की फसलों को हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से 24 घंटे के भीतर जनहानि, पशुहानि और घायलों को मुआवजा देने को कहा है। सीएम ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और फसल नुकसान का तुरंत आकलन कर किसानों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए हैं।
यूपी में बारिश से किसानों की बढ़ी मुसीबतें, सीएम योगी ने जिलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, फसलों के नुकसान की मांगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की मुसीबतें कई गुना बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी धान, बाजरा और दूसरी खरीफ फसलें पानी में डूब गई हैं, वहीं कटाई के बाद खलिहानों में रखी फसलें भी भीगकर बर्बाद हो रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को निर्देश दिए हैं कि जनहानि, पशुहानि, घायलों और चोटिलों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिलाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी डीएम से किसानों को हो रही परेशानियों और फसलों को हुए नुकसान पर तत्काल विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है, ताकि सरकार बिना किसी देरी के प्रभावी कदम उठा सके और किसानों को राहत पहुंचा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। इसका मतलब है कि सभी संबंधित विभागों के अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय रहें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। उनका मुख्य जोर इस बात पर है कि प्राकृतिक आपदा का असर किसानों पर कम से कम पड़े। उन्होंने कहा कि मौसम की वजह से किसानों की जो फसलें बर्बाद हुई हैं, उनका नुकसान तुरंत आंका जाए। इस आकलन के लिए सारी जानकारी एकत्र की जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अन्नदाता देश का आधार है और उन्हें किसी भी सूरत में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनकी मदद करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुआवजे में देरी रोकने के लिए तेज प्रक्रिया लागू

किसानों को तत्काल मुआवजा मिल सके, इसके लिए एक पारदर्शी और त्वरित संयुक्त सर्वे की प्रक्रिया तय की गई है। राजस्व विभाग के अधिकारी, कृषि विभाग के विशेषज्ञ और संबंधित बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि मिलकर फसल नुकसान का तत्काल संयुक्त सर्वे करेंगे। इस सर्वे की पूरी जानकारी जल्द से जल्द शासन को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मुआवजे के भुगतान में कोई देरी न हो। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सर्वे में पारदर्शिता हो और वास्तविक नुकसान का सही आकलन हो, जिससे पात्र किसानों को समय पर उनका पूरा हक मिल सके। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह है कि कागजी कार्रवाई में उलझकर किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया है कि उनकी सरकार हर प्रतिकूल परिस्थिति में उत्तर प्रदेश की जनता के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि निरंतर बारिश से किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं और सरकार पहले भी इसी तरह के नुकसानों के लिए मुआवजा दे चुकी है। शनिवार को फिर हुई जोरदार बारिश से फसलों को जो नया नुकसान हुआ है, उसका आकलन भी जल्द से जल्द कराया जाएगा। सरकार की मंशा साफ है कि किसानों को हुए हर छोटे-बड़े नुकसान की भरपाई की जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें और अपनी आजीविका फिर से शुरू कर सकें।

जिलाधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर फील्ड में रहें और केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें। उन्हें व्यक्तिगत रूप से वस्तुस्थिति का जायजा लेने और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का सटीक आकलन करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया है कि यह आकलन केवल अनुमानों पर आधारित न होकर जमीनी हकीकत पर आधारित होना चाहिए। फील्ड में रहने से सही जानकारी मिल पाएगी, जिससे किसानों को समय पर और उचित सहायता मुहैया कराई जा सकेगी। यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि सरकार की नीतियां सीधे किसानों तक पहुंचें और उनका क्रियान्वयन प्रभावी हो।

इस पूरे राहत अभियान में प्रभावी समन्वय बनाए रखने के लिए प्रमुख सचिव (कृषि) और राहत आयुक्त को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा है कि वे फील्ड में कार्यरत अधिकारियों से सीधा संपर्क स्थापित करें और उनके साथ एक मजबूत समन्वय तंत्र बनाएं। सभी जरूरी सूचनाएं समय पर एकत्र करके शासन को उपलब्ध कराई जाएं, ताकि राहत कार्य भी समय से और कुशलतापूर्वक पूरे हो सकें। यह केंद्रीय समन्वय किसानों तक मदद पहुंचाने में तेजी लाएगा और किसी भी प्रशासनिक अड़चन को दूर करने में सहायक होगा।

यूपी सरकार ने किसानों से की खास अपील

सरकार ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी नुकसान हुई फसल की जानकारी संबंधित शासन और प्रशासन को उपलब्ध कराएं। यह जानकारी राहत कार्यों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में सहायक होगी। जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना या किसी अन्य योजना के तहत कराया हुआ है और उनकी फसल को क्षति हुई है, उनके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। अगर फसल कटकर खलिहान में रखी है और उसे बारिश या किसी अन्य आपदा से नुकसान हुआ है, तो ऐसी फसल कटाई के बाद 14 दिन तक बीमा के दायरे में आती है। ऐसे प्रभावित किसानों को सलाह दी गई है कि वे 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर अपनी समस्या दर्ज कराएं। यह हेल्पलाइन किसानों को त्वरित सहायता और बीमा क्लेम प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन देने के लिए उपलब्ध है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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