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योगी सरकार का एक्शन: 23 जिलों के 706 KM लंबे तटबंध ‘संवेदनशील’ घोषित, मुख्यमंत्री ने दिए ड्रेजिंग के निर्देश

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रदेश के 23 जिलों में 37 तटबंधों को संवेदनशील और अति संवेदनशील के रूप में चिह्नित करने की जानकारी दी। CM योगी ने अधिकारियों को नदियों की ड्रेजिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग पर जोर देने का निर्देश दिया है, ताकि मानसून से पहले सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
योगी सरकार का एक्शन: 23 जिलों के 706 KM लंबे तटबंध ‘संवेदनशील’ घोषित, मुख्यमंत्री ने दिए ड्रेजिंग के निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मंगलवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में CM योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि जितनी बेहतर तैयारी होगी, किसी भी चुनौती का समाधान उतनी ही तेजी से किया जा सकेगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सतर्कता, समन्वय और समयबद्धता को सुरक्षित बाढ़ प्रबंधन की कुंजी बताया। उन्होंने सभी तटबंधों, ड्रेनों और संवेदनशील स्थानों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

23 जिलों के 37 तटबंध संवेदनशील चिह्नित

बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन अनिल गर्ग ने बताया कि प्रदेश के गंगा, सरयू, राप्ती, यमुना और सोन जैसी प्रमुख नदी बेसिन के आसपास के जिले बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इस वर्ष नदी-पट्टी और वर्षा पैटर्न का विश्लेषण करते हुए 12 जिलों में 18 तटबंधों को ‘संवेदनशील’ चिह्नित किया गया है, जिनकी कुल लंबाई 241.58 किमी है।

इसके अलावा, 11 जिलों के 19 तटबंधों को ‘अति संवेदनशील’ की श्रेणी में रखा गया है, जिनकी कुल लंबाई 464.92 किमी है। इन सभी चिह्नित स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं।

CM का निर्देश: पहले ड्रेजिंग, फिर तटबंध

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने सभी तटबंधों और बैराजों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए ड्रोन-मैपिंग और वॉटर लेवल सेंसर लगाने पर जोर दिया।

“सतर्कता, समन्वय और तय समयसीमा में काम पूरा करना ही सुरक्षित बाढ़ प्रबंधन की मूल कुंजी है।”- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री

CM योगी ने एक अहम निर्देश देते हुए कहा कि जिन नदियों की धारा गाद (सिल्ट) जमा होने से उथली हो गई है, वहां सबसे पहले ड्रेजिंग कर नदी को चैनलाइज किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ड्रेजिंग से समाधान संभव न हो, तभी तटबंध निर्माण या कटान रोकने के अन्य उपायों पर विचार किया जाना चाहिए।

60 हजार किमी लंबे ड्रेनों की सफाई जारी

ग्रामीण इलाकों में जल-निकासी को सुचारु बनाने के लिए प्रदेश में बड़े पैमाने पर ड्रेनों की सफाई और ड्रेजिंग का काम भी चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि विभाग के अधीन कुल 10,727 ड्रेन हैं, जिनकी संयुक्त लंबाई 60,047 किमी है। कई महत्त्वपूर्ण ड्रेनों की सफाई पूरी हो चुकी है और बाकी काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही, वर्ष 2026 की संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नई सुरक्षा परियोजनाओं पर भी काम शुरू हो गया है।

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