उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित 3,567 प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/प्रवक्ता (PGT)/सहायक अध्यापक (TGT) अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र बांटे।
योगी ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों एवं उनके परिजनों को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। सीएम ने कहा एक शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम को समाप्त करना ही नहीं है, बल्कि छात्र-छात्राओं को हर प्रकार की नकारात्मकता से बचाकर उनका सर्वांगीण विकास करना भी आप सभी का गुरुतर दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को सम्बोधिओत करते हुए कहा कि ये केवल नियुक्ति पत्र नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का उत्तरदायित्व भी है , यदि आपमें से एक शिक्षक 100 छात्रों से इंटरेक्शन करता है तो समझिये कि 3567 शिक्षक साढ़े तीन लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को गाइड करने की सामर्थ्य रखते हैं आपका मार्गदर्शन करना नए भारत की आधारशिला है।
योगी ने कहा ऐसे पूरी होगी ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ की संकल्पना
योगी ने कहा जब भारत तक्षशिला और नालंदा जैसे दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का संचालन करता था तब वो विश्वगुरु था हमारे पास ये धरोहर पहले से मौजूद है केवल उसे पहचानने की आवश्यकता है, सरकार इंफ़्रास्ट्रक्चर दे सकती हैं लेकिन इंफ़्रास्ट्रक्चर पर गति किसी होनी चाहिए ये आपके द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी ही तय करेगा और जब यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तब ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ की संकल्पना पूरी होगी।
2017 के पहले जो एप्लिकेंट नहीं होता था, उसको नियुक्ति-पत्र मिलता था
योगी ने कहा 2017 के पहले क्या होता था सबको मालूम है, तब परीक्षा कोई और देता था और नियुक्ति पत्र उसे मिलता था जिसने फॉर्म भी नहीं भरा यानि जो एप्लिकेंट भी नहीं होता था, उसको नियुक्ति-पत्र वितरित कर दिया जाता था, यह बेईमानी और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा थी। उस समय जो योग्य युवा था उसे नौकरी नहीं थी और जो पैसा लेकर पहुंच जाता था उस एनियुक्ति पत्र मिल जाता था यही कारण था कि लोग उत्तर प्रदेश एक नाम पर सवाल खड़े करते थे।
…तो जेल में सड़ना पड़ेगा, इसका विशेष ध्यान रखें
मुख्यमंत्री ने कहा मैं माध्यमिक शिक्षा परिषद् से कहूँगा और विभाग से भी कहूँगा कि इस बात को ध्यान में रखेंगे कि किसी को भी जॉइनिंग में दिक्कत नहीं होनी चाहिए, इसका सन्देश स्पष्ट हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा नियुक्ति पत्र मिलने के बाद यदि किसी ने प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक से लेनदेन की मांग की तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा हेमन सख्त कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा उस प्रकार की स्थिति पैदा न हो इसका विशेष ध्यान रखें।
…किसी भी प्रधानाचार्य से, प्रधानाध्यापक से, प्रवक्ता से या शिक्षक से लेनदेन की मांग की तो उसको जेल के अंदर सड़ना पड़ेगा… pic.twitter.com/v0CC3zR80h
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 22, 2026






