उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, अब बिजली कनेक्शन में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। इस बारे में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने केंद्रीय विद्यालय अधिनियम 2003 के अनुरूप मीटर लगाने और संचालन से संबंधित अपने रेग्यूलेशन में संशोधन करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है।

1 अप्रैल से लागू इस अधिसूचना के मुताबिक संचार नेटवर्क वाले क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को अब स्मार्ट मीटर के साथ बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इसके पूर्व की अधिसूचना में प्रीपेड मोड में काम करने वाले स्मार्ट मीटर लगाने की जानकारी दी गई थी। अब अधिसूचना जारी होने के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर के माध्यम से बिजली कनेक्शन देने के आदेश को पावर कॉरपोरेशन द्वारा रद्द किया जा सकता है।

स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध

पिछले कुछ दिनों से राज्य में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाई जा रहे हैं, जिसका लगातार विरोध हो रहा है। इस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि प्राधिकरण में गलती को सुधारते हुए संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है। आप स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन पोस्टपेड मोड में ही किए जाएंगे।

अधिकारी ने यह भी बताया है कि केंद्रीय कानून में उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड में कनेक्शन लेने का विकल्प दिया गया है। लेकिन प्राधिकरण के अधिसूचना के आधार पर देश की बिजली कंपनियां प्रीपेड मोड में ही कनेक्शन उपलब्ध करवा रही हैं। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और सचिव को अवगत करवाया था। अब नहीं अभी सूचना जारी होने से बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के रूप में दिए जाएंगे। प्रीपेड की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी।