उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष बेचते हुए सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनीं युवती मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी शादी को लेकर उठा विवाद है। जानकारी के अनुसार, मोनालिसा ने केरल में बागपत निवासी फरमान खान नाम के युवक से विवाह कर लिया है। इस अंतर-धार्मिक विवाह की खबर सामने आते ही कुछ हिंदू संगठनों और संत समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है।
यह मामला तब और गरमा गया जब मुजफ्फरनगर स्थित योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस विवाह को सनातन धर्म के साथ एक बड़ा ‘विश्वासघात’ करार दिया है।
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संत समाज ने उठाए गंभीर सवाल
स्वामी यशवीर जी महाराज ने इस विवाह की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह विवाह किसी मंदिर में संपन्न हुआ है तो यह एक गंभीर विषय है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
“मोनालिसा द्वारा एक मुस्लिम युवक से शादी करना सनातन धर्म के साथ विश्वासघात है। यदि किसी मंदिर में यह विवाह हुआ है, तो इसकी भी जांच होनी चाहिए और मंदिर के पुजारी की भूमिका की भी पड़ताल की जानी चाहिए।” — स्वामी यशवीर जी महाराज, महंत, योग साधना आश्रम
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सनातन परंपरा में विवाह की अपनी एक विशेष धार्मिक प्रक्रिया और रीति-रिवाज होते हैं, जिनका पालन अनिवार्य है। उनका दावा है कि इस विवाह में इन परंपराओं की अनदेखी की गई है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आना आवश्यक है।
परिवार से की कानूनी कार्रवाई की अपील
महंत ने मोनालिसा के परिवार से भी इस मामले में आगे आने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, “यदि परिवार को लगता है कि इस विवाह में किसी भी प्रकार का दबाव, धोखा या कोई साजिश हुई है, तो उन्हें बिना डरे कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। पूरा समाज उनके साथ खड़ा रहेगा।” इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय प्रशासन से भी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस विवाद पर अभी तक मोनालिसा या फरमान खान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।