उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी (आप) की ‘रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा को रविवार को जनता का जबरदस्त समर्थन मिला। आप के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में यह यात्रा आगरा से हाथरस पहुंची, जहां उन्होंने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर तीखे हमले किए। सिंह ने दावा किया कि राज्य में मनरेगा के तहत रोजगार में 65 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है, और 94 लाख आवेदनों के मुकाबले सिर्फ 58 हजार नौकरियां देना युवाओं के साथ बड़ा धोखा है। उन्होंने सरकारी रोजगार व्यवस्था की बदहाली और सामाजिक न्याय के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
यह पदयात्रा आगरा के खंदौली स्थित सूरज फार्म हाउस से शुरू हुई और दिन चढ़ते ही हाथरस जिले की सीमा में प्रवेश कर गई। दोपहर के विश्राम के लिए यात्रा सादाबाद स्थित राधा कृष्ण मैरिज हॉल पहुंची, जिसके बाद शाम होते-होते बिहारी जी फार्म हाउस पहुंची। रास्ते भर युवाओं, वकीलों, महिलाओं और बुजुर्गों ने पदयात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। भीड़ में शामिल शिक्षामित्रों, आशा बहुओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और रेडी पटरी वाले दुकानदारों ने संजय सिंह को रोककर अपनी निजी और व्यावसायिक समस्याओं को विस्तार से साझा किया। इन सभी वर्गों के लोगों ने ‘रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो’ के नारे लगाते हुए यात्रा में अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जो उनके असंतोष को दर्शाता है।
संजय सिंह ने रोजगार व्यवस्था पर उठाए सवाल
पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने प्रदेश की रोजगार व्यवस्था को ध्वस्त बताते हुए मनरेगा में हुई भारी गिरावट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मनरेगा में 65 प्रतिशत की गिरावट सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गरीब परिवारों पर असर डाल रही है। आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार पूरा करने वाले परिवारों की संख्या 6.15 लाख से घटकर मात्र 2.21 लाख रह गई है। यह आंकड़ा बताता है कि लाखों ग्रामीण परिवार जो पहले इस योजना पर निर्भर थे, अब उनके पास आजीविका का कोई ठोस साधन नहीं बचा है। सिंह ने इसे सरकार की नीतियों की स्पष्ट विफलता बताया, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और गरीबी बढ़ रही है।
सिंह ने युवाओं की बेरोजगारी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि 94 लाख आवेदनों पर सिर्फ 58 हजार नौकरियां देना प्रदेश में बेरोजगारी की भयावह स्थिति का प्रमाण है। यह दर्शाता है कि लाखों पढ़े-लिखे युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं और उन्हें अवसर नहीं मिल रहे। उन्होंने कहा कि ऊपर से पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य को पूरी तरह बर्बाद कर रही हैं। सिंह ने 2026 में पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती में कथित पेपर लीक के आरोपों का जिक्र किया, जिसमें टेलीग्राम पर पेपर बिकने की बात सामने आई थी। साथ ही, 2025 में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा रद्द होने को भी सरकार की लापरवाही का नतीजा बताया। इन घटनाओं से न सिर्फ युवाओं का समय और पैसा बर्बाद होता है, बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं से उनका विश्वास भी उठता जा रहा है।
संजय सिंह ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार को लोगों के बच्चों की पढ़ाई से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने अस्पतालों की बदहाली, देश में बढ़ते काला धन, रुपये के गिरते मूल्य और गैस के संकट जैसे गंभीर मुद्दों पर भी मोदी सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाए। सिंह ने आरोप लगाया कि इन वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय, सरकार समाज में नफरत का जहर फैलाने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं गलत दिशा में हैं, जिससे आम जनता की बुनियादी ज़रूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है।
दिलीप पाण्डेय ने पदयात्रा को बताया जनआंदोलन
आप के वरिष्ठ नेता दिलीप पाण्डेय ने पदयात्रा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हाथरस की धरती पर यह यात्रा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने इसे अन्याय के खिलाफ एक विशाल जनआंदोलन बताया। पाण्डेय ने कहा कि जनता जिस तरह से इस पदयात्रा का समर्थन कर रही है, वह साफ संकेत देता है कि प्रदेश की जनता अब मौजूदा व्यवस्था में बदलाव चाहती है। लोग अब अन्याय के खिलाफ खुलकर अपनी आवाज उठाने के लिए तैयार हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को प्रतिबद्ध हैं। यह जनभागीदारी ही इस आंदोलन को ताकत दे रही है।
पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर आम आदमी पार्टी की यह पदयात्रा सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में यह एक बड़े और व्यापक आंदोलन का रूप लेगी। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के जरिए बीजेपी सरकार को जनता के हर सवाल का जवाब देने पर मजबूर किया जाएगा। यह पदयात्रा लोगों को एकजुट कर रही है और उन्हें यह संदेश दे रही है कि आम आदमी पार्टी उनके मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता।
आज ‘रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा का तीसरा दिन है। यह पदयात्रा बेरोजगारों को रोजगार दिलाने और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए निकाली जा रही है, इस पदयात्रा को जनसमर्थन मिल रहा है।
हमारी माँग है कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार दे वरना उन्हें ₹10,000 का बेरोजगारी भत्ता… pic.twitter.com/XqwkEVFAN9
— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) April 5, 2026






