दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती द्वारा ग्रामीण विकास बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषसिद्धि और तीन साल की सजा के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की तारीख बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। इसी के साथ अदालत ने उनकी दूसरी याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।
बता दें कि राजेंद्र भारती ने हाईकोर्ट में दिल्ली की विशेष एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा पुराने धोखाधड़ी मामले में तीन साल की कैद की सजा के खिलाफ अपील दायर की है। उन्होंने इस फैसले को गलत बताते हुए दोषसिद्धि और सजा दोनों को रद्द करने के लिए याचिका लगाई है। उनका कहना है कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध और षड्यंत्र पर आधारित है।
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई टली, चुनाव आयोग को नोटिस
मध्यप्रदेश के कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती से जुड़े ग्रामीण विकास बैंक धोखाधड़ी मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख बढ़ा दी है। साथ ही कोर्ट ने उनकी उस याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग को दतिया विधानसभा सीट पर चुनाव कार्यक्रम घोषित न करने का निर्देश देने की मांग की है। इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई अब पंद्रह अप्रैल को होगी।
राजेंद्र भारती द्वारा यह याचिका दिल्ली की एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा बैंक फर्जीवाड़े के पुराने मामले में तीन साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाए जाने के बाद दायर की गई थी। दिल्ली की विशेष अदालत ने सजा को 60 दिनों के लिए स्थगित कर उन्हें अपील दायर करने की अनुमति दी थी और जमानत भी प्रदान की थी।
क्या है मामला
दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने 3 अप्रैल को दतिया विधानसभा के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को ग्रामीण विकास बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषी ठहराया। इस मामले में अदालत ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोपों को प्रमाणित माना। अदालत ने कहा कि राजेंद्र भारती ने अपनी मां सावित्री देवी श्याम के नाम पर बैंक में किए गए फिक्स्ड डिपॉजिट में हेराफेरी की थी। इस धोखाधड़ी में उन्होंने मूल तीन साल की FD को रिकॉर्ड में बदलकर 10-15 साल तक बढ़ा दिया, जिससे लंबे समय तक उच्च ब्याज दर से अवैध लाभ उठाया गया। अदालत ने उन्हें तीन साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई और अपील दायर करने के लिए सजा को दो महीने के लिए स्थगित करते हुए जमानत प्रदान की।
सजा सुनाए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर विधानसभा स्पीकर ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। इसके तुरंत बाद मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। यह कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8 के तहत की गई थी। इस तरह, दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित हो गई।






