पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ को सीधी चेतावनी दी है। दरअसल आसिफ की कोलकाता पर हमले की धमकी पर अभिषेक बनर्जी सिलीगुड़ी में एक चुनावी रैली के दौरान गुस्से से लाल हो गए। उन्होंने खुले मंच से कहा कि अगर ममता बनर्जी और इंडिया गठबंधन केंद्र में सत्ता में आए तो वे पाकिस्तान में उनके ‘घरों में घुसकर मार डालेंगे’। बनर्जी ने इस गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए।
दरअसल यह पूरा विवाद पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बयान से शुरू हुआ। दो दिन पहले, सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए ख्वाजा आसिफ ने भारत को धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच भविष्य में होने वाला कोई भी सैन्य संघर्ष केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। आसिफ ने दावा किया कि ‘अगर भारत ने कोई झूठा अभियान चलाने की कोशिश की तो पाकिस्तान उसे कोलकाता तक ले जाएगा’, जिसका सीधा मतलब था कि भविष्य के किसी भी युद्ध में कोलकाता जैसे भारतीय शहरों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
जानिए अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?
अभिषेक बनर्जी ने ख्वाजा आसिफ की इस टिप्पणी को देश की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया। सिलीगुड़ी की रैली में उन्होंने कहा, ‘दो दिन पहले ख्वाजा आसिफ ने कोलकाता को उड़ाने की धमकी दी थी। हमारे प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षामंत्री चुप रहे। मैंने ख्वाजा आसिफ का नाम अपनी लिस्ट में लिख लिया है।’ बनर्जी ने अपनी बात को और धार देते हुए कहा, ‘जिस दिन ममता बनर्जी और इंडिया गठबंधन सरकार बनाएंगे, हम उनके घरों में घुसकर उन्हें मार डालेंगे।’ उनका यह बयान भारत की ओर से पाकिस्तान को एक स्पष्ट और कड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है, जो कि सीधे तौर पर सत्ता में आने की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की बात करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए
टीएमसी महासचिव ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘वह पाकिस्तान में बैठकर कोलकाता पर हमला करने की धमकी दे रहे हैं, जबकि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कूच बिहार में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं और लोगों से टीएमसी को हटाने का आह्वान कर रहे हैं।’ बनर्जी ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि जब देश की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है, तब भी उनकी प्राथमिकता राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाना है, न कि पाकिस्तान की धमकियों का जवाब देना। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार की कथित निष्क्रियता को उजागर करने का एक प्रयास था।
बनर्जी ने गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ‘अमित शाह और राजनाथ सिंह चुप हैं।’ बनर्जी ने शाह के पिछले बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि ‘शाह हमें हर रोज बांग्लादेशी और पाकिस्तानी कहते हैं, लेकिन जब पाकिस्तान कोलकाता को धमकी देता है तो वे मूक दर्शक बन जाते हैं।’ टीएमसी नेता ने केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका इशारा था कि केंद्र सरकार सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए ‘बांग्लादेशी’ और ‘पाकिस्तानी’ जैसे जुमलों का इस्तेमाल करती है, जबकि वास्तविक खतरे पर खामोश रहती है।
पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। उनके बयान में ‘भारत के साथ भविष्य में होने वाला कोई भी संघर्ष सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा’ का जिक्र यह दर्शाता है कि पाकिस्तान किसी भी संभावित सैन्य टकराव में भारतीय शहरों को निशाना बनाने की बात कर रहा है। सियालकोट, जो स्वयं सीमा के करीब है, से दिया गया यह बयान पाकिस्तान की सैन्य रणनीति में बदलाव का संकेत भी हो सकता है। यह भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।






