उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और LPG की कालाबाजारी के मामले सामने आने के बाद अब प्रशासन सख्त हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस तरह का काम करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं। वहीं अब जिला स्तर पर बनाई गई प्रवर्तन टीमों ने अपना काम करना शुरू कर दिया है।

इन टीमों की ओर से लगभग 1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की गई। गड़बड़ी पाए जाने पर एलपीजी वितरकों के विरूद्ध एफआईआर भी दर्ज की गई है। वितरकों के अलावा कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 20 एफआईआर दर्ज हुई है। 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

प्रदेश में 1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापे

पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सही तरीके से हो सके और किसी तरह की कालाबाजारी ना हो इसी बात के समाधान के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के लिए एक सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जो 24 घंटे चालू रहेगा। यहां पर खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी ड्यूटी करेंगे। होम कंट्रोल रूम में अधिकारियों और कर्मचारियों के तैनाती की गई है। इसके अलावा जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।

आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी नजर

बनाई गई टीम पूरे प्रदेश में नजर रखे हुए हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को एलपीजी और पेट्रोल डीजल की आपूर्ति अच्छी तरह से हो सके। शुक्रवार को प्रदेश के 4108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के मुताबिक सिलेंडर रिफिल कार्रवाई गई। वितरकों के पास एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है।