उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सड़कें, पुल और बाइपास के निर्माण के लिए योगी सरकार ने 1000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा इन परियोजनाओं पर अगले महीने से काम शुरू होने की उम्मीद है। सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य से लोगों का सफर आसान होगा। इसके अलावा, शासन को 22 हजार करोड़ रुपये की अन्य कार्ययोजनाएं भेजी गई हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से मंजूरी मिलेगी।
लखनऊ में हजरतगंज से जियामऊ होते हुए पॉलिटेक्निक चौराहे तक सड़क की विशेष मरम्मत को मंजूरी मिली है। यह सड़क खराब होने के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब मरम्मत के बाद यात्रा सुगम होगी। इसके साथ ही सीतापुर में रामकोट-वजीरनगर-दधनामऊ और सीतापुर-इटिया मार्गों के साथ-साथ लखीमपुर खीरी में बांगरमऊ-बिल्हौर मार्ग के चौड़ीकरण को भी हरी झंडी मिल गई है। इन कार्यों से शहरवासियों को जाम से राहत मिलेगी और आवागमन तेज होगा।
ये भी पढ़ें
बुनियादी ढांचे के विकास से लोगों को बेहतर सुविधा
इन परियोजनाओं का दायरा लखीमपुर खीरी, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, बहराइच, गोंडा, जौनपुर, चंदौली, कन्नौज, फर्रुखाबाद, रामपुर, बिजनौर, शाहजहांपुर, बदायूं, पीलीभीत, कानपुर देहात, अमरोहा, प्रयागराज, कौशाम्बी, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, संतकबीरनगर, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, बांदा, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, कासगंज, मथुरा, फिरोजाबाद और बलिया तक फैला है। इन जिलों में सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति
इन परियोजनाओं से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़कें और बाइपास शहरों में यातायात की भीड़ को कम करेंगे, जिससे लोगों का समय बचेगा और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी। लोक निर्माण विभाग का लक्ष्य है कि इन कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिले।