उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विंध्याचल रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर विंध्याचल धाम रेलवे स्टेशन करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मंजूरी दे दी है। प्रमुख सचिव अजय चौहान ने इस संबंध में मिर्जापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार को पत्र भेजकर सूचित किया है। इस फैसले से विंध्य पंडा समाज और स्थानीय लोगों ने सरकार और राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

विंध्याचल रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग लंबे समय से स्थानीय निवासियों और जिले के लोगों द्वारा की जा रही थी। विधायक रत्नाकर मिश्र ने इस मांग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाया, जिन्होंने इसे गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से इस मुद्दे पर चर्चा की, जिसके बाद 29 अगस्त को राज्यपाल ने स्टेशन का नाम विंध्याचल धाम करने की अधिसूचना जारी की। इस निर्णय को लागू करने के लिए केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड को भी सूचित कर दिया गया है।

सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को बढ़ावा

यह पहला मौका नहीं है जब योगी सरकार ने किसी स्थान का नाम बदला हो। इससे पहले शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया था, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। इन नाम परिवर्तनों से स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

धार्मिक महत्व राष्ट्रीय स्तर पर उजागर

विंध्याचल धाम रेलवे स्टेशन का नया नाम क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह बदलाव न केवल उनकी मांगों को पूरा करता है, बल्कि विंध्याचल के धार्मिक महत्व को भी राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करेगा।