चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी की सहायक कंपनी एचसीसी की डीआरटी टनल में अचानक मलबा और पानी आने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय टनल के अंदर मजदूर रोज की तरह काम कर रहे थे। अचानक शाम करीब 6 बजकर 10 मिनट पर टनल में बड़ी मात्रा में मलबा और पानी आ गया। मजदूर कुछ समझ पाते, इससे पहले ही टनल का रास्ता बंद हो गया और 20 से अधिक मजदूर अंदर फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
टनल हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जिला अधिकारी गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे। वह लगातार राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना सहित अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें तैनात हैं। राहत और बचाव दल लगातार टनल के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
शुरुआती प्रयासों में राहत टीमों को बड़ी सफलता मिली और दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन और तेज कर दिया गया। अब तक टनल से 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। बाहर निकाले गए सभी मजदूरों को इलाज और मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा जा रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है। बाकी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
महेंद्र भट्ट ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल में मलबा और पानी आने की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तुरंत मौके पर भेज दिया है। जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रहा है। सांसद ने भगवान बद्रीविशाल से टनल में फंसे सभी मजदूरों के सुरक्षित होने की प्रार्थना भी की है।
टनल के अंदर रेस्क्यू में आ रही चुनौतियां
हादसे के बाद टनल के अंदर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का एक वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। राहत और बचाव दल मलबे के बीच से रास्ता बनाने का प्रयास कर रहे हैं। टनल के अंदर पानी और मलबे का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू में कई चुनौतियां आ रही हैं। इसके बावजूद राहत टीमें लगातार काम में जुटी हुई हैं। जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। टनल के बाहर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम भी तैयार है, ताकि बाहर निकाले जाने वाले मजदूरों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया जा सके।






