चंपावत। जिला चिकित्सालय चंपावत में मरीजों के लिए एक और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा शुरू हो गई है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का गुरुवार को लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस यूनिट के शुरू होने से गंभीर और आपातकालीन मरीजों को जरूरत के मुताबिक रक्त घटक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे।
चंपावत जिले में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन की सुविधा पहली बार उपलब्ध हुई है। इससे पहले कुमाऊं मंडल के जिला चिकित्सालयों में रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में यह सुविधा थी। नई यूनिट शुरू होने से जरूरत पड़ने पर मरीजों की दूसरे जिलों के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी।
जिला अस्पताल में बढ़ रही स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि जिला चिकित्सालय में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया गया है। इसके अलावा सीटी स्कैन, एमआरआई और डायलिसिस यूनिट जैसी सुविधाएं भी स्थापित की जा चुकी हैं।
अस्पताल में करीब 11.71 करोड़ रुपये की लागत से एक और काम चल रहा है। इसके तहत लोअर ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग और पहली व दूसरी मंजिल पर डायग्नोस्टिक विंग एवं ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है।

चंपावत को आदर्श जिला बनाने पर फोकस
सीएम धामी ने कहा कि चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए स्वास्थ्य के साथ दूसरी बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। चंपावत रोडवेज स्टेशन में 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू होने वाला है। मां पूर्णागिरि धाम, रीठा साहिब और पर्यटन आवास गृह में भी पार्किंग सुविधाएं विकसित की गई हैं।
जिले में 66 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक सिटी ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। भूमिगत बिजली लाइनों का काम भी आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 240 करोड़ रुपये से अधिक के काम किए जा रहे हैं। साइंस सेंटर, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और आधुनिक ISBT जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू होने से गंभीर और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को जरूरी रक्त घटक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे और समय पर इलाज मिलने में मदद मिलेगी।






