चारधाम की शुरुआत हो गई है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु का हिस्सा बनने के लिए पहुंच रहे हैं। हजारों की संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और वह गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं। इन यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित और शुभम बनाने के लिए करें इंतजाम किए गए हैं।
चारों धाम में यात्रियों को अच्छी सुविधा और बेहतर सुरक्षा प्रदान की जा सके। इसके लिए 7000 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अलावा आतंकवादी विरोधी दस्ता एवं निरोध प्रस्तावित किया गया है।
चारधाम यात्रा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुरक्षित यात्रा के लिए जितनी भी व्यवस्था की जा रही है। उसके लिए दो अपर पुलिस महानिदेशक और चार पुलिस महानिरीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस महानिरीक्षक को गढ़वाल परीक्षित को इस यात्रा के संचालन के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। दूसरी तरफ भारत तिब्बत सीमा पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली है।
अलग-अलग सेक्टर में पुलिस बल
चारधाम यात्रा को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में बात कर पुलिस बल तैनात किया गया है। यात्रा मार्ग पर यात्रियों के अब आगमन के लिए 118 पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। इससे वाहनों की व्यवस्था संचालन में सहायता मिलेगी। यातायात सुझाव रूप से चलाया जा सके इसके लिए 109 लैंडस्लाइड एरिया, 52 बॉटलेनेक पॉइंट, 274 दुर्घटना संभववाद क्षेत्र और 61 ब्लैक स्पॉट भी चिन्हित किए गए हैं।
आधुनिक तकनीकों से निगरानी
यातायात के सुचारू संचालन नियंत्रण के लिए पहली बार मोटरसाइकिल से पेट्रोलिंग की जाएगी। इसी के साथ अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए निगरानी रखी जाएगी। ट्रैफिक और मौसम संबंधी पूर्ण जानकारी लाइव मोबाइल अलर्ट के माध्यम से यात्रियों तक लगातार पहुंचेगी। लगभग 92 सीसीटीवी धाम में इंस्टॉल किए गए हैं जबकि यात्रा मार्ग पर 1168 सीसीटीवी कैमरा नहीं होगी। 15 ड्रोन भी संचालित किए जाएंगे जो हवाई निगरानी करेंगे।
अधिकारी का क्या कहना
इस संबंध में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड दीपम सेठ का कहना है कि चार धाम और हेमकुंड साहिब यात्रा देवभूमि के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। इसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रदेश पहुंचते हैं। सभी अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था के साथ यातायात एवं भीड़ प्रबंधन सभी पहलुओं पर विशेष सतर्कता बरती जाए। जिससे श्रद्धालु यात्रा का अच्छा अनुभव लेकर जाएं।






