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22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, 51 क्विंटल फूलों से सजा मंदिर, चारधाम यात्रा पकड़ेगी रफ्तार

Written by:Shruty Kushwaha
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केदारनाथ धाम अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण साल में लगभग छह महीने ही श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। शीतकाल में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के चलते कपाट बंद कर दिए जाते हैं, जिसके बाद भगवान केदारनाथ की चल विग्रह को विधि-विधान के साथ उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर ले जाया जाता है। वहीं पूरे शीतकाल के दौरान नियमित पूजा-अर्चना जारी रहती है। ग्रीष्मकाल में मौसम अनुकूल होने पर केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाते हैं और पूजा परंपरागत रूप से फिर से मुख्य मंदिर में प्रारंभ होती है।
22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, 51 क्विंटल फूलों से सजा मंदिर, चारधाम यात्रा पकड़ेगी रफ्तार

Kedarnath Dham

हिमालय की गोद में स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा औपचारिक रूप से गति पकड़ लेगी। कपाट खुलने को लेकर मंदिर समिति, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वार तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, कपाट खुलने की तिथि हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर पंचांग गणना के आधार पर तय की जाती है। समुद्र तल से लगभग 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह धाम सर्दियों में भारी बर्फबारी के चलते लगभग छह महीने बंद रहता है जिसके बाद ग्रीष्मकाल में इसे श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है।

चारधाम यात्रा पकड़ेगी गति

उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा चारधाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है और अब केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ यह गति पकड़ेगी। इस यात्रा के अंतर्गत चार प्रमुख तीर्थ शामिल हैं यमुनोत्री धाम, गंगोत्री धाम, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम। धार्मिक मान्यतानुसार यह यात्रा यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री, केदारनाथ होते हुए बद्रीनाथ पर समाप्त होती है। इस यात्रा के केंद्र में स्थित केदारनाथ धाम अपनी विशेष धार्मिक मान्यताओं, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य के कारण सबसे प्रमुख धामों में गिना जाता है। केदारनाथ धाम समुद्र तल से लगभग 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है जिसे 12 ज्योतिर्लिंगों में एक माना जाता है।

केदारनाथ धाम खुलने से पहले जारी हैं तैयारियां

बुधवार से केदारनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले मंदिर को लगभग 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप में सजाया जा रहा है। बाबा केदार की पंचमुखी डोली परंपरागत मार्ग से होते हुए धाम पहुंच चुकी है। प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिविरों और आपातकालीन राहत केंद्रों की तैनाती की गई है ताकि ऊंचाई और मौसम से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके।

नई व्यवस्थाएं लागू

इस वर्ष केदारनाथ यात्रा को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए कुछ नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं जिनमें पंजीकरण प्रक्रिया को अनिवार्य करना और मंदिर परिसर में अनुशासन से जुड़े नियम शामिल हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि चारधाम यात्रा के क्रम में पहले ही गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खोले जा चुके हैं, जबकि केदारनाथ के बाद बद्रीनाथ धाम के कपाट भी जल्द ही खुलेंगे। ऐसे में आगामी दिनों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज होने की संभावना है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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