देश में महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर सियासी घमासान मचा हुआ है। लोकसभा में इस बिल के गिरने के बाद भाजपा विपक्ष पर जमकर हमला बोल रही है। इतना ही नहीं कई राज्यों में भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। तो वहीं कांग्रेस महिला आरक्षण बिल को परिसीमन बिल से जोड़कर बता रही है। कांग्रेस का कहना है कि जब 2023 में यह बिल पास हो चुका था तो अब इसकी क्या जरूरत है?
कांग्रेस यह आरोप लगा रही है कि भाजपा महिला आरक्षण बिल लागू करना नहीं है बल्कि उसका खास मकसद तो परिसीमन है। इस बीच, मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा है।
बता दें कि कांग्रेस सांसद ने 18 अप्रैल हुए प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को लेकर हमला बोला है। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण बिल के गिरने के लिए विपक्षी दल खासकर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और सजावादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया था। इतना ही नहीं पीएम मोदी इन पार्टियों कर तीखा हमला भी बोला था। इस संबंध में अब केसी वेणुगोपाल ने पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सदन के सदस्यों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। वेणुगोपाल का कहना है कि यह संसद की गरिमा और सांसदों के अधिकारों का उल्लंघन है।
लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग
वेणुगोपाल ने कहा कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि अपने कर्तव्य का पालन कर रहे निर्वाचित प्रतिनिधि पर सवाल उठाना न केवल व्यक्तिगत हमला है, बल्कि संसद के अधिकार और भारत की जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा अपमान है। कांग्रेस सांसद ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि एक मौजूदा प्रधानमंत्री का देश के नाम संबोधन हमेशा देश की एकता और भरोसा बनाने के सबसे बड़े मकसद के लिए होता है। इस भाषण के दौरान प्रधानमंत्री का बेशर्मी से पार्टी के नाम भाषण, जिसमें कांग्रेस पार्टी पर 59 अलग-अलग हमले किए गए हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर उनके रिकॉर्ड पर एक और पक्का दाग होगा।





