Hindi News

टिहरी के मुनिकी रेती में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का आयोजन, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ‘उत्तराखंड खोज योजना’ का किया लोकार्पण

Written by:Gaurav Sharma
Published:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज टिहरी के गंगा रिजॉर्ट, मुनिकी रेती में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने योग को जीवन पद्धति बताते हुए 'उत्तराखंड खोज योजना' का भी शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य गढ़वाल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ना है।
टिहरी के मुनिकी रेती में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का आयोजन, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ‘उत्तराखंड खोज योजना’ का किया लोकार्पण

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद टिहरी के मुनिकी रेती स्थित गंगा रिजॉर्ट में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उन्होंने योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक समग्र जीवन पद्धति बताया और प्रदेश के युवाओं से इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस महोत्सव की सराहना करते हुए सीएम धामी ने कहा कि यह पिछले 35 वर्षों से योग की महान परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश को आज “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचान मिलना अत्यंत गर्व की बात है।

युवाओं के लिए योग को बताया सहयोगी

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आधुनिक जीवनशैली में युवाओं द्वारा महसूस की जाने वाली थकावट का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवा आमतौर पर थकावट महसूस करते हैं। इसमें योग उनका सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है।”

“योग भारत की प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का काम करता है। हमारे ऋषि-मुनियों ने जो मार्ग दिखाया था, आज वो पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन का सशक्त आधार बन चुका है।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों को भी याद किया, जिनके प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2014 में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।

स्वास्थ्य और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाएं

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने गढ़वाल मंडल के प्रत्येक गांव को पर्यटन से जोड़ने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड खोज योजना’ का लोकार्पण भी किया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा योग और आयुष को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी।

  • राज्य में योग नीति 2025 बनाई गई है।
  • योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए ₹10 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
  • प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना की जा रही है।
  • 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
  • ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को आयुष परामर्श भी दिया जा रहा है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। गढ़वाल मण्डल विकास निगम के प्रबंध निदेशक, प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार योग महोत्सव में 2500 से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं और इसे 150 योग संस्थाओं के सहयोग से सफल बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में गुरुकुल कांगड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए योग साधकों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का प्रदर्शन किया।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
Follow Us :GoogleNews