नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि आज के दौर में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि इनका विस्तार आर्थिक, डिजिटल, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा तक हो गया है। उन्होंने एक ऐसी मजबूत सेना की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसके साथ देश के नागरिक भी हर परिस्थिति में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के लिए तैयार हों।
रक्षा मंत्री उत्तराखंड के घोड़ाखाल में स्थित सैनिक स्कूल के स्थापना दिवस और डायमंड जुबली समारोह को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संघर्षों के तरीकों में बड़ा बदलाव आया है और अब किसी भी देश को आर्थिक, साइबर, अंतरिक्ष और सूचना युद्ध के जरिए कमजोर किया जा सकता है।
100 नए सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा
राजनाथ सिंह ने युवाओं तक राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हाल ही में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत देशभर में 100 नए सैनिक स्कूल बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा नेशनल कैडेट कोर (NCC) में भी खाली पदों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार, रक्षा बलों को खास हथियारों और टेक्नोलॉजी से लैस करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।”- राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
VUCA की नई परिभाषा
रक्षा मंत्री ने VUCA (अस्थिर, अनिश्चित, जटिल और अस्पष्ट) की अवधारणा का जिक्र करते हुए छात्रों को इसका अपना संस्करण बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए युवाओं को विजन (Vision), समझ (Understanding), साहस (Courage) और अनुकूलन क्षमता (Adaptability) विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों, विशेषकर युवाओं को अनुशासन और पक्के इरादे से अपनी मानसिक मजबूती और समझ को बढ़ाना होगा, ताकि देश किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे।
सैनिक स्कूलों में लड़कियों का प्रवेश ऐतिहासिक
राजनाथ सिंह ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के एडमिशन के फैसले को एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश की ‘नारी शक्ति’ को और मजबूत कर रहा है। ये लड़कियां आने वाले समय में ‘नारी शक्ति’ की पथ प्रदर्शक बनेंगी और विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छुएंगी।
सैनिक स्कूल, घोड़ाखाल के 60 साल पूरे होने पर उन्होंने स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों को बधाई दी। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पिछले कई दशकों में इस स्कूल ने 800 से अधिक कैडेट्स को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और 2,000 से अधिक कैडेट्स को सशस्त्र बलों में भेजा है। उन्होंने स्कूल के पूर्व छात्र और पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एमके कटियार को छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
Speaking at the Diamond Jubilee celebrations of Sainik School Ghodakhal (Uttarakhand). https://t.co/4NU3AuQnKh
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) March 21, 2026






