देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में चल रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत देहरादून पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक और उसकी मदद करने वाली एक भारतीय महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला ने बांग्लादेशी नागरिक के लिए अपने पूर्व पति के नाम पर फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाए थे और दोनों पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे थे।
पुलिस को नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में एक बांग्लादेशी पुरुष के एक महिला के साथ रहने की गोपनीय सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों पर नजर रखी और नेहरू कॉलोनी के अलकनंदा एन्क्लेव से दोनों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने अपनी असली पहचान बांग्लादेशी नागरिक ममून हसन के रूप में बताई। वहीं, महिला की पहचान देहरादून के त्यूणी तहसील निवासी रीना चौहान के रूप में हुई। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर रीना ने पूरे मामले का खुलासा किया।
रीना ने कबूल किया कि वह ममून हसन के साथ किराये के मकान में रह रही थी। उसने ममून को भारत में अवैध रूप से बसाने के लिए एक साजिश रची। इसके तहत उसने अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर ममून हसन के फर्जी भारतीय दस्तावेज, जैसे पहचान पत्र और अन्य प्रमाण पत्र, तैयार करवाए।
साजिश और धोखाधड़ी का केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, यह भारत में अवैध रूप से निवास करने के लिए एक सुनियोजित साजिश थी। दोनों के खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468, 471 (जाली दस्तावेजों का उपयोग) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920 और विदेशी अधिनियम, 1946 की संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की गई है।
“एक्यूस ने साजिश रचकर भारत के फर्जी पहचान पत्र बनवाए थे। इस मामले में फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करने वाले अन्य लोग भी पुलिस के रडार पर हैं और उनके खिलाफ भी जल्द ही सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।” — अजय सिंह, एसएसपी देहरादून
पुलिस ने गिरफ्तार ममून हसन और रीना चौहान के कब्जे से कई फर्जी पहचान पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज बनाने में इनकी मदद की थी।





