चमोली जिले की नीती घाटी में भारी बारिश के कारण तमक नाला अचानक उफान पर आ गया था। दरअसल तेज बहाव की चपेट में आने से यहां बना वैली ब्रिज बह गया, जिसके बाद इस इलाके में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। घटना के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और रास्ता बहाल करने का काम शुरू किया। लगातार प्रयास के बाद तमक नाले में ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई मोटर मार्ग तैयार किया गया। इसके बाद इस रास्ते से वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है।
दरअसल तमक नाले में वैली ब्रिज बहने के बाद सबसे बड़ी चुनौती सड़क संपर्क बहाल करना था। नीती घाटी का यह इलाका पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां लगातार बारिश के बीच रास्ते को जल्द खोलना प्रशासन के लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद संबंधित विभागों की टीमों ने मौके पर लगातार काम किया। ह्यूम पाइप डालकर तैयार किए गए अस्थाई रास्ते से फिलहाल वाहनों को निकाला जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि इस रास्ते से गुजरते समय वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली
अस्थाई मोटर मार्ग तैयार होने से स्थानीय लोगों और जरूरी काम से आने-जाने वाले वाहनों को बड़ी राहत मिली है। इससे प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह बंद रहने की स्थिति खत्म हुई है। लेकिन यह रास्ता फिलहाल स्थाई समाधान नहीं है। मौसम की स्थिति और तमक नाले के जलस्तर को देखते हुए यहां सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। प्रशासन की टीमें लगातार मौके की निगरानी कर रही हैं और हालात के हिसाब से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
दूसरे दिन भी लापता व्यक्ति की तलाश
वहीं वैली ब्रिज बहने की घटना के बाद एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। उसकी तलाश में दूसरे दिन भी बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन के साथ पुलिस, भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल यानी ITBP, NDRF, SDRF और सीमा सड़क संगठन की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन में लगी हुई हैं।
दरअसल रेस्क्यू टीमें तमक नाले के आसपास नदी किनारे और ऐसे संभावित स्थानों पर तलाश कर रही हैं, जहां तेज पानी के बहाव के बाद किसी व्यक्ति के पहुंचने की संभावना हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्र में मौसम लगातार चुनौती बना हुआ है। बारिश के कारण नदी और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए रेस्क्यू टीमों को भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाना पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से मौके पर मौजूद सभी टीमों को हालात के अनुसार दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों की नजर मौसम और तमक नाले के जलस्तर पर बनी हुई है। लापता व्यक्ति की तलाश के साथ-साथ प्रभावित इलाके में किसी और तरह की परेशानी न हो, इसे लेकर भी निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से की सावधानी की अपील
वहीं नीती घाटी में भारी बारिश के बाद तमक नाले में आए उफान ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में मौसम की चुनौती को सामने ला दिया है। ऐसे क्षेत्रों में सड़क और पुल जैसी सुविधाएं सीधे तौर पर मौसम और नदी-नालों के जलस्तर पर निर्भर रहती हैं। वैली ब्रिज के बहने के बाद प्रशासन ने जिस तेजी से अस्थाई रास्ता तैयार किया है, उससे आवाजाही बहाल करने में मदद मिली है, लेकिन बारिश के दौरान इस रास्ते पर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।
जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और वाहन चालकों से अपील की है कि अस्थाई मोटर मार्ग से गुजरते समय जल्दबाजी न करें और मौके पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें। अगर तमक नाले का जलस्तर बढ़ता है या मौसम ज्यादा खराब होता है तो सुरक्षा के लिहाज से आवाजाही को लेकर प्रशासन को फिर से फैसला लेना पड़ सकता है।






