टिहरी झील ने जिले को वाटर स्पोर्ट्स के बड़े केंद्र के रूप में पहचान दी है, लेकिन इस बार प्रशासन फोकस को सिर्फ झील तक सीमित नहीं रखना चाहता। 6 से 9 मार्च के बीच आयोजित होने वाले Himalayan O₂- टिहरी लेक फेस्टिवल में जिले के 9 स्थानों पर ट्रैकिंग अभियान चलाए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को पहाड़ी ढलानों, जंगलों और बुग्याल वाले रूट्स का भी अनुभव मिल सके।
इन ट्रैकिंग अभियानों की खास बात यह है कि इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़कर डिजाइन किया गया है। इसका सीधा असर यह होगा कि प्रतिभागी केवल प्राकृतिक दृश्य नहीं देखेंगे, बल्कि टिहरी के गांवों की दिनचर्या, स्थानीय जीवनशैली और सामाजिक परिवेश को भी करीब से समझ सकेंगे। प्रशासन इसे पर्यटन के विस्तार के साथ स्थानीय सहभागिता का मॉडल मान रहा है।
साहसिक गतिविधि से आगे का लक्ष्य
जिला प्रशासन के मुताबिक योजना का मकसद ट्रैकिंग को एक अलग इवेंट की तरह चलाना नहीं, बल्कि व्यापक पर्यटन रणनीति से जोड़ना है। टिहरी अब तक झील-आधारित गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहा, लेकिन प्रशासन का मानना है कि जिले की पहाड़ी भौगोलिक संरचना और प्राकृतिक ट्रेल्स को समान प्राथमिकता दी जाए तो पर्यटकों के ठहराव और अनुभव दोनों बढ़ सकते हैं।
“इन ट्रैकिंग अभियानों का उद्देश्य केवल साहसिक गतिविधि तक सीमित नहीं है। यह पहल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और टिहरी को एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”- DM नीतिका खंडेलवाल
डीएम नीतिका खंडेलवाल ने बताया कि ट्रैकिंग के दौरान पर्यटकों के साथ प्रशिक्षित गाइड मौजूद रहेंगे। सुरक्षा और सुविधा के लिए समुचित इंतजाम किए गए हैं, ताकि अभियान में भाग लेने वाले लोगों को मार्गदर्शन और सहायता दोनों मिलें।
दिन में ट्रैकिंग, रात में एस्ट्रो नाइट
फेस्टिवल के कार्यक्रम में इस बार ‘एस्ट्रो नाइट’ भी शामिल है। साफ आसमान के नीचे तारों का अवलोकन कराने की योजना बनाई गई है। प्रशासन के अनुसार दिन में ट्रैकिंग और रात में तारामंडल अनुभव का यह संयोजन प्रतिभागियों को प्रकृति से बहुस्तरीय जुड़ाव देगा, जिसमें एडवेंचर और अवलोकन दोनों शामिल हैं।
टिहरी की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यटन उत्पादों के विविधीकरण की कोशिश भी माना जा रहा है। अब तक यहां आने वाले पर्यटकों का बड़ा हिस्सा वाटर एक्टिविटीज की ओर जाता रहा है, जबकि पहाड़ी रूट्स की क्षमता अपेक्षाकृत कम उपयोग में आई। 9 ट्रैकिंग अभियानों की घोषणा इसी अंतर को पाटने की दिशा में उठाया गया कदम है।
कौन कर रहा है आयोजन, कब होगा शुभारंभ
Himalayan O₂- टिहरी लेक फेस्टिवल का आयोजन टिहरी जिला प्रशासन और उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद के संयुक्त प्रयासों से किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ 6 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों प्रस्तावित है।
फेस्टिवल की समयरेखा, ट्रैकिंग रूट्स की संख्या और ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस इन तीन बिंदुओं से साफ है कि इस बार आयोजन का ढांचा अनुभव-आधारित पर्यटन की दिशा में रखा गया है। प्रशासन की कोशिश है कि टिहरी आने वाला पर्यटक झील के साथ पहाड़, गांव और रात के आकाश तीनों को एक ही यात्रा में महसूस कर सके।






