उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने बुधवार, 25 फरवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी है। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी देना है, जिसे अब विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 32 मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से 28 प्रस्तावों को हरी झंडी मिल गई। मंत्रिमंडल ने बजट में आवश्यकतानुसार संशोधन करने का अधिकार भी मुख्यमंत्री को दे दिया है।
न्याय और कानून व्यवस्था पर जोर
प्रदेश में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। देहरादून के विकासनगर, उधमसिंह नगर के काशीपुर और नैनीताल जिला मुख्यालय में तीन नए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट खोले जाएंगे। इसके अतिरिक्त, नैनीताल हाईकोर्ट के लिए एक और जिला न्यायालयों के लिए 13, यानी कुल 14 नए कोर्ट मैनेजर के पद भी सृजित किए गए हैं।
इसी बैठक में समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक 2026 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। इस विधेयक को अब विधानसभा में पेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य पहले से लागू यूसीसी में व्यावहारिक सुधार करना है।
बागवानी, पर्यावरण और जल प्रबंधन
पहाड़ी किसानों को राहत देते हुए सरकार ने सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 और मौन पालन नीति 2026 को मंजूरी दी है। ये दोनों योजनाएं उत्तराखंड की जलवायु और भूगोल के अनुकूल आजीविका के साधनों को बढ़ावा देंगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रदेश के सभी 11 नगर निगमों में संविदा के आधार पर पर्यावरण अभियंता के पद सृजित होंगे। साथ ही, उपचारित जल के पुन: उपयोग के लिए ‘उत्तराखंड उपचारित जल पुन: उपयोग नीति 2026’ को भी स्वीकृति दी गई है।
महिला-बाल पोषण और शिक्षा
सरकार ने पोषण योजनाओं में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान के तहत 3 से 6 साल के बच्चों को अब नई पोषक सामग्रियां मिलेंगी। इसी तरह, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना में अंडा, दूध और केले के अलावा अन्य पोषक खाद्य पदार्थों को भी शामिल किया गया है।
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में शामिल करने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना को भी हरी झंडी मिली है। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का पालन करते हुए, वर्षों से संविदा पर कार्यरत चार विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में नियमित नियुक्ति दी जाएगी।
व्यापारियों को राहत, हल्द्वानी में GST बेंच
कुमाऊं मंडल के व्यापारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। जीएसटी अपीलीय अधिकरण की मुख्यपीठ देहरादून में ही रहेगी, लेकिन अब हल्द्वानी में एक अतिरिक्त सर्किट बेंच भी स्थापित की जाएगी। इससे व्यापारियों को अपने मामलों के लिए देहरादून के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।






