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उत्तराखंड इन्वेस्टर समिट: 3.57 लाख करोड़ रुपये के MOU में से 1.06 लाख करोड़ रुपये धरातल पर, CM धामी ने दिए सख्त निर्देश

Written by:Gaurav Sharma
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में हुए MOU की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि ₹3.57 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। CM ने अधिकारियों को बाकी परियोजनाओं में तेजी लाने और बाधाएं दूर करने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड इन्वेस्टर समिट: 3.57 लाख करोड़ रुपये के MOU में से 1.06 लाख करोड़ रुपये धरातल पर, CM धामी ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत हुए निवेश समझौतों (MOU) को जमीन पर उतारने की प्रगति को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान यह जानकारी दी गई कि समिट में हुए कुल ₹3,57,693 करोड़ के 1,779 एमओयू में से अब तक ₹1,06,953 करोड़ के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को राज्य के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह निवेशकों के विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था और उद्योग-अनुकूल माहौल का सीधा प्रमाण है।

“यह सकारात्मक परिणाम राज्य में निवेशकों के विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस परिणाम को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ राज्यहित में लिया जाना चाहिए।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

अधिकारियों को CM के कड़े निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कई कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और काम को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया, जो एमओयू की ग्राउंडिंग की लगातार निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “यदि किसी नीति में संशोधन या सरलीकरण की आवश्यकता है, तो उसका प्रस्ताव तुरंत तैयार कर आगे बढ़ाया जाए। उद्योगपतियों से नियमित संवाद बनाए रखें और उन्हें राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सुगम प्रक्रियाओं की जानकारी दें।”

उद्योग और पर्यटन पर विशेष फोकस

औद्योगिक माहौल को और बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को हर जिले में प्रत्येक माह “उद्योग मित्र समिति” की बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। इन बैठकों में उद्योगों से जुड़े मुद्दों का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

वहीं, पर्यटन विभाग ने बैठक में बताया कि राज्य में स्पेशल टूरिस्ट जोन के लिए क्षेत्र-आधारित विशेष नीतियां तैयार करने पर काम किया जा रहा है, ताकि पर्यटन निवेश को और बढ़ावा मिल सके।

संस्कृति और अध्यात्म को भी मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री धामी ने विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजने पर भी जोर दिया। उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित विश्वविद्यालय की स्थापना, हिंदू स्टडीज सेंटर, स्पिरिचुअल जोन डेवलपमेंट और भराड़ीसैंण में मंदिर निर्माण जैसे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, आयुर्वेद एम्स की स्थापना से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता पर रखने को कहा।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रवि शंकर, डी.एस. गर्ब्याल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।