ट्रेनिंग के बाद नौकरी पर फोकस, उद्योगों की जरूरत के हिसाब से बनेगा उत्तराखंड का स्किल डेवलपमेंट प्लान

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जिलों से जल्द मांगा स्किल डेवलपमेंट प्लान, जहां रोजगार के मौके लेकिन ट्रेनिंग कोर्स नहीं वहां शुरू होंगे कार्यक्रम; गुणवत्ता जांचने के लिए होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
Uttarakhand Skill Development

देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं को सिर्फ ट्रेनिंग देने के बजाय उद्योगों की जरूरत के मुताबिक तैयार करने पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए राज्य का स्किल डेवलपमेंट प्लान उद्योगों में रोजगार की मांग और उपलब्ध ट्रेनिंग के बीच के अंतर को ध्यान में रखकर तैयार होगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में हुई बैठक में इसके निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी जिलों को अपना डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान जल्द तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है। इसमें जिले में रोजगार के अवसर, उपलब्ध ट्रेनिंग सुविधाएं और किस तरह के कौशल की मांग है, इसका आकलन किया जाएगा।

जहां नौकरी के मौके, वहां उसी हिसाब से होगी ट्रेनिंग

मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां रोजगार की संभावनाएं तो हैं लेकिन उनके मुताबिक ट्रेनिंग कोर्स उपलब्ध नहीं हैं। इन क्षेत्रों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किए जाएं।

उद्योगों को जिस तरह के प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत है और प्रशिक्षण संस्थान जिस तरह की ट्रेनिंग दे रहे हैं, दोनों के बीच के अंतर को भी चिह्नित किया जाएगा। अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के अवसर और ट्रेनिंग के लक्ष्य तय कर योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उभरते हुए स्किल सेक्टर की पहचान में सेतु आयोग के अध्ययन का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

ट्रेनिंग की गुणवत्ता के लिए तय होंगे मानक

सरकार स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को उद्योगों से सीधे जोड़ने की दिशा में भी काम करेगी। मुख्य सचिव ने भारतीय उद्योग परिसंघ और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए मानक तय करने को भी कहा गया है, जिससे अलग-अलग संस्थानों में ट्रेनिंग की गुणवत्ता में एकरूपता लाई जा सके। इन कार्यक्रमों का नियमित आकलन करने के साथ गुणवत्ता की जांच के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराया जाएगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं होना चाहिए। ट्रेनिंग ऐसी हो, जिससे युवा उद्योगों की जरूरत के मुताबिक दक्ष बनें और उनके लिए रोजगार के बेहतर अवसर तैयार हों।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
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