उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ और शक्ति मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ अब यहां विश्वनाथ-शक्ति मंदिर कॉरिडोर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में आयोजित सेवा संकल्प सभा में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और मां शक्ति का यह स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कॉरिडोर बनने से धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने इससे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर और शक्ति मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद रामलीला मैदान में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा ज्योति कलश यात्रा और सेवा संकल्प सभा में शामिल हुए। कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी है। जनधन योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के जरिए लोगों तक सीधे लाभ पहुंचाया गया है।
उत्तरकाशी के लिए कई और काम भी गिनाए
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तरकाशी जिले में 200 करोड़ रुपये से अधिक की 50 योजनाओं का शिलान्यास किया गया था। इनमें 26 योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, जबकि 24 पर काम चल रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने गाजणा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धौंतरी को अपग्रेड करने की मांग का परीक्षण कराने की बात कही। भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। डोडीताल, अवाना बुग्याल और हरि महाराज सौड़ बुग्याल के विकास और सौंदर्यीकरण के काम भी आगे बढ़ाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी का नाम पूर्व विधायक स्वर्गीय गोपाल सिंह रावत के नाम पर रखने की भी घोषणा की।
चारधाम यात्रा में अब तक 56 लाख से ज्यादा श्रद्धालु
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पर्यटन और चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इस साल अब तक 56 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना से अधिक बढ़ी है और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
धामी के मुताबिक प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। होटल की संख्या करीब 25 प्रतिशत और होमस्टे की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। तीन लाख से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
सरकारी नौकरियों से UCC तक का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, भू-कानून और नकल विरोधी कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां मिली हैं।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा केदार की धरती से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। इसी लक्ष्य के साथ सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के अलावा उद्योग, पर्यटन, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में काम किया जा रहा है।






