जयपुर के पॉश सिविल लाइंस इलाके में पीने के पानी की गंभीर समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा उस समय सामने आ गया, जब स्थानीय भाजपा विधायक गोपाल शर्मा को जनता के विरोध का सामना करना पड़ा है। दरअसल इलाके की नाराज महिलाओं ने विधायक को घेर लिया और उन्हें वही बदबूदार, सीवर मिला हुआ पानी पीने के लिए दिया, जो उनके घरों के नलों में आ रहा है। वहीं विधायक ने गिलास में पानी लिया, उसे सूंघा, लेकिन उसकी तेज दुर्गंध के कारण उसे पीने से साफ इनकार कर दिया। वहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रशासन की लापरवाही और जनता के गुस्से की चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल यह पूरा मामला जयपुर के सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के सुशीलपुरा वार्ड 45 का है। यह वही इलाका है जहां राजस्थान के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राज्य सरकार के कई मंत्री और बड़े अधिकारी रहते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में पिछले कई दिनों से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी इतना दूषित है कि इसमें सीवर की बदबू आती है और इसे पीना तो दूर, घर के कामों में इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो गया है।
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विधायक ने नहीं पिया पानी
लगातार शिकायत करने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो लोगों का धैर्य टूट गया और उन्होंने सीधे अपने जनप्रतिनिधि से सवाल पूछने का फैसला किया। बुधवार को जब विधायक गोपाल शर्मा इलाके में पहुंचे, तो वहां पहले से ही नाराज महिलाओं का एक बड़ा समूह मौजूद था। महिलाओं ने विधायक को घेर लिया और अपनी परेशानी बतानी शुरू की। उन्होंने एक महिला के घर से पानी का गिलास मंगवाया, जिसमें वही गंदा और बदबूदार पानी भरा था जो उनके नलों में आ रहा है। महिलाओं ने विधायक से कहा कि वे खुद इस पानी को पीकर देखें, ताकि उन्हें जनता की परेशानी का अंदाजा हो सके। विधायक ने पानी को सूंघा, लेकिन उसकी दुर्गंध के कारण उसे पीने से मना कर दिया।
हर महीने पानी का बिल भरते हैं
विधायक के इनकार करते ही महिलाओं का गुस्सा और बढ़ गया। वहां मौजूद लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। महिलाओं ने कहा कि अगर विधायक ही इस पानी को पीने से बच रहे हैं, तो आम लोग इसे कैसे पी सकते हैं। उनका कहना है कि कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन जलदाय विभाग और प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। एक महिला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे हर महीने पानी का बिल भरती हैं, लेकिन बदले में उन्हें पीने के लिए गंदा और बदबूदार पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस वजह से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर भी खतरा बढ़ गया है।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार पार्षद, जलदाय विभाग के अधिकारियों और विधायक कार्यालय में भी शिकायत कर चुके हैं। हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई समाधान नहीं हुआ है। गंदे पानी की वजह से इलाके में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को संक्रमण और पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा ज्यादा है। दरअसल लोगों का कहना है कि डायरिया, पीलिया और पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगी हैं। कई परिवारों को मजबूर होकर मिनरल वाटर खरीदना पड़ रहा है या महंगे वॉटर प्यूरीफायर का सहारा लेना पड़ रहा है।
इस पूरे मामले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिलाएं विधायक से तीखी बहस करती हुई दिखाई दे रही हैं और साफ पानी की मांग कर रही हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद जलदाय विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अगर सिविल लाइंस जैसे वीवीआईपी इलाके में ही पीने के पानी की यह हालत है, तो शहर के बाकी हिस्सों का हाल क्या होगा। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
वहीं जब इस मामले को लेकर विधायक गोपाल शर्मा से सवाल किया गया, तो उन्होंने अपनी सफाई दी है। विधायक का कहना है कि इलाके में सड़क निर्माण के दौरान सीवर लाइन और पानी की पाइपलाइन आपस में मिल गई हैं। इसी वजह से घरों में गंदा पानी आ रहा है। उन्होंने कहा है कि संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दे दी गई है और जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।