आगर मालवा के कुंडला खेड़ा गांव में एक निजी कंपनी द्वारा अनवरत छोड़ा जा रहा रासायनिक दूषित पानी अब ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। करीब एक साल से इस जहरीले प्रकोप से जूझ रहे ग्रामीणों का सब्र आखिर टूट गया, और उन्होंने कंपनी के सामने ही मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर अपनी आपबीती प्रशासनिक अधिकारियों को सुनाई। यह स्थिति इतनी विकराल हो चुकी है कि अब ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं, वहीं उनके पशुधन भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
दरअसल जिला मुख्यालय आगर से मात्र सात किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुंडला खेड़ा के ग्रामीण पिछले एक साल से एक निजी कंपनी के मनमाने रवैये का खामियाजा भुगत रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कंपनी बेरोकटोक अपना रासायनिक दूषित पानी गांव के नाले में बहा रही है। यह पानी इतना काला और बदबूदार है कि इसके पास से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि कोई गलती से इस पानी में हाथ भी डाल दे, तो वह गंभीर बीमारी का शिकार हो सकता है। यह सिर्फ पानी नहीं, बल्कि बीमारियों और मौत को न्योता देने वाला जहर है जो खुलेआम नाले में बहाया जा रहा है।
कुएं और पाइपलाइन में भी यह जहरीला पानी रिसकर पहुंच रहा
वहीं इस रासायनिक दूषित पानी के कारण ग्रामीणों की जिंदगी नारकीय हो गई है। उनके मवेशियों को पानी पिलाना दूभर हो गया है, क्योंकि इस जहरीले पानी को पीने से पशु भी बीमार पड़ रहे हैं। गांव में पेयजल के लिए बिछाई गई पाइपलाइन और नाले के पास स्थित कुआं भी इस दूषित पानी से अछूता नहीं रहा है। कुएं और पाइपलाइन में भी यह जहरीला पानी रिसकर पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों को पीने और दैनिक उपयोग के लिए शुद्ध पानी मिलना बंद हो गया है। इसी दूषित पानी के सेवन और उपयोग से ग्रामीणों में खुजली और स्किन इन्फेक्शन जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं देते और उनकी समस्या को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने एकत्र होकर चक्का जाम कर दिया
दरअसल जब कंपनी प्रबंधन ने ग्रामीणों की एक न सुनी और उनकी समस्याओं को लगातार अनसुना किया जाता रहा, तब मजबूरन ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए कड़ा कदम उठाया। आगर-सारंगपुर मार्ग पर सेमली जोड़ के पास, ठीक कंपनी के सामने ही ग्रामीणों ने एकत्र होकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने आने-जाने वाले वाहनों को रोककर अपनी व्यथा और कंपनी के प्रदूषण से हो रहे नुकसान के बारे में बताया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता, वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया
वहीं चक्का जाम की सूचना मिलते ही आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, आगर तहसीलदार विजय सेनानी और कांनड़ थाना प्रभारी राजकुमार दांगी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात की और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को नाले के पास ले जाकर दूषित पानी की भयावह स्थिति दिखाई। पानी की स्थिति देखकर अधिकारियों ने भी माना कि मामला बेहद गंभीर है और पानी वाकई में बहुत दूषित है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखेंगे और जल्द ही इसकी जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों को अभी भी ठोस कार्रवाई का इंतजार है, क्योंकि यह समस्या पिछले एक साल से उनके जीवन को दूभर बनाए हुए है और अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट पर कितनी गंभीरता से और कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।
आगर मालवा से गौरव सरवारिया की रिपोर्ट






