मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में अवैध नशीले पदार्थों की खेती करने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिले के आम्बुआ थाना क्षेत्र के तहत आने वाले छोटा इटारा के दुडवा फलिया में पुलिस ने दो अलग-अलग खेतों में अचानक दबिश देकर भारी मात्रा में उगाए जा रहे गांजे के पौधे बरामद किए हैं। पुलिस द्वारा जब्त किए गए इन पौधों का कुल वजन 2 टन से भी अधिक बताया जा रहा है।

शनिवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके के नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस को काफी समय से इन खेतों में चोरी-छिपे गांजे की खेती किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस की विशेष टीमों ने योजना बनाकर यह छापा मारा। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में हरे-भरे गांजे के पौधों को उखाड़कर जब्त कर लिया और पूरे मामले की जांच तेजी से शुरू कर दी है।

चार थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से दी दबिश

दरअसल, मुखबिर से मिली पक्की खबर के आधार पर आलीराजपुर पुलिस ने इस बड़ी और रणनीतिक कार्रवाई को अंजाम दिया। रेड को पूरी तरह सफल बनाने के लिए आम्बुआ, उदयगढ़, आजाद नगर और जोबट थानों की पुलिस टीमों ने एक साथ मिलकर घेराबंदी की। पुलिस टीम जब छोटा इटारा के दुडवा फलिया पहुंची, तो खेतों का नजारा देखकर चौंक गई। वहां कपास और दूसरी फसलों की आड़ में गांजे के लहलाते पौधे उगाए गए थे।

1 करोड़ रुपये की कीमत के 2070 पौधे बरामद

पुलिस ने दोनों खेतों से कुल 2070 गांजे के पौधे उखाड़कर जब्त किए हैं। इन हरे और तेजी से बढ़ रहे गांजे के पौधों का कुल वजन करीब 2079 किलोग्राम निकला है। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए इस अवैध गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी पौधों को गाड़ियों में लादकर थाने पहुंचाया और कानूनी कागजी कार्रवाई शुरू कर दी।

जमीन मालिकों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज

जांच-पड़ताल में सामने आया है कि जिस जमीन पर यह अवैध खेती चल रही थी, उसके मालिक स्थानीय निवासी मुकाम चौहान और जगन हैं। जोबट के एसडीओपी आशुतोष पटेल ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी मुकाम चौहान और जगन के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत अपराध क्रमांक 299/26 और 300/26 दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है।

नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस

पुलिस अब इस बात का गहराई से पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध खेती के पीछे और कौन-कौन से बड़े तस्कर या गिरोह शामिल हैं। इसके साथ ही यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि खेतों से तैयार होने वाले गांजे की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों के इस काले कारोबार से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।