आलीराजपुर: मध्यप्रदेश के कई जिलों में जहां भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त है वहीं आलीराजपुर जिले में कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से खेतों में खड़ी फसलें अब सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं जिससे किसानों के सामने संकट गहराता जा रहा है।
इसी बीच, सोमवार को खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों की समस्याओं को लेकर कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान भी सैकड़ों किसानों के साथ भाजपा कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान किसानों ने खेतों में पानी की कमी और सूखने की कगार पर पहुंच रही फसलों से जुड़ी अपनी चिंताओं से अधिकारियों को अवगत कराया।
जमीन पर बैठकर सुनीं गई किसानों की समस्याएं
जैसे ही मंत्री नागर सिंह चौहान कलेक्ट्रेट पहुंच वे किसानों संग जमीन पर बैठ गए। मौके पर किसानों को समस्याएं सुनकर मंत्री नागर सिंह ने अधिकारियों को चर्चा की। कुछ देर बाद कलेक्टर नीतू माथुर भी मौके पर पहुंचीं। कलेक्टर ने भी किसानों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों की समस्याएं सुनने के बाद कलेक्टर नीतू माथुर ने उन्हें राहत का भरोसा दिलाया।
कलेक्टर ने किसानों को दिया आश्वासन
कलेक्टर ने किसानों को आश्वासन दिया कि अगले तीन दिनों के भीतर 84 गांवों में नर्मदा का पानी पहुंचना शुरू हो जाएगा। नर्मदा का पानी मिलने के बाद किसान इसका उपयोग खेतों में सिंचाई के लिए कर सकेंगे। प्रशासन के इस आश्वासन से किसानों को सूखने की कगार पर पहुंच चुकी फसलों को बचाने की उम्मीद जगी है।
किसानों ने माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से पानी मांगा
वहीं मंत्री नागर सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कहा कि किसानों की चिंता मेरी चिंता है। इस साल आलीराजपुर जिले में कम बारिश होने के कारण किसानों के सामने फसलों को बचाने की गंभीर चुनौती खड़ी हुई है। किसानों ने अपनी इसी समस्या को लेकर मुझसे मुलाकात कर आलीराजपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी।
नागर सिंह चौहान ने आगे कहा कि किसानों की बात को गंभीरता से सुना और उनके साथ पैदल कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर उनकी मांग को जिला प्रशासन के समक्ष रखा गया है। किसानों द्वारा दिए गए ज्ञापन के माध्यम से उनकी समस्या से कलेक्टर को अवगत कराया और आवश्यक कार्रवाई एवं समाधान के लिए आग्रह किया। किसानों की फसल सुरक्षित रहे, उनकी मेहनत व्यर्थ न जाए और उन्हें समय पर सिंचाई का पानी मिल सके इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।





