मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शुक्रवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। पुष्पराजगढ़ तहसील के करनपठार थाना क्षेत्र के तिवनी गांव के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रॉली में सवार लोग करीब 10 फीट नीचे जा गिरे। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए।
जानकारी के मुताबिक गिंजरी और पड़मनिया गांव के ग्रामीण परिवार पूजा-अर्चना के लिए तिवनी जंगल गए थे। शाम को सभी लोग एक ही ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पुलिया पर पहुंचते ही चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रॉली पलट गई। हादसे में मौके पर ही कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे ट्रॉली में सवार थे, जिससे हादसे का असर और ज्यादा गंभीर हो गया।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया तथा घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाने का काम तेजी से किया गया। 108 एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को पहले पाली अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार हादसे में 22 पुरुष, 14 महिलाएं और 5 बच्चे घायल हुए हैं। अस्पताल में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजन भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे, जिससे भावुक दृश्य देखने को मिले। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों का इलाज कर रही है। हादसे में दो लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी, जबकि चार अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज गति से चल रही थी। पुलिया पर मोड़ लेते समय चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका और ट्रॉली पलटकर नीचे जा गिरी। पुलिस अब चालक की भूमिका और हादसे के अन्य कारणों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
इस बीच प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। कलेक्टर हर्षल पंचोली शहडोल मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन की ओर से घोषणा की गई है कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 4-4 लाख रुपये और संबल योजना के तहत अतिरिक्त 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉली में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर यात्रा करने के खतरे को सामने लाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वाहनों का उपयोग मुख्य रूप से कृषि कार्यों के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन कई जगहों पर इन्हें यात्री वाहन की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जो गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग मृतकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।






