मार्च अंत देव गुरु बृहस्पति और मन के कारक चंद्रमा मिलकर गजकेसरी राजयोग बनाने जा रहे हैं। यह राजयोग बुध की राशि मिथुन में बनेगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वर्तमान में चंद्रमा मेष राशि में विराजमान है। 25 मार्च 2026, बुधवार की शाम (6:16 AM) चंद्रमा, मिथुन राशि में गोचर करेंगे, जहां पहले से ही ज्ञान, भाग्य और संतान के कारक माने जाने वाले गुरु विराजमान रहेंगे, ऐसे में 26 मार्च को मिथुन राशि में गुरु व चंद्रमा के साथ आने से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष में इस राजयोग को लाभकारी और बेहद शुभ माना गया है। वैसे तो इस राजयोग का सभी राशियों पर अलग अलग प्रभाव देखने को मिलेगा लेकिन इसके बनने से 3 राशियों के लिए शुभकारी और फलदायी साबित हो सकता है ।आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में…

कन्या राशि पर कैसा रहेगा असर

  • आर्थिक स्थिति मजबूत होने के प्रबल योग हैं।
  • लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं।
  • भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है।
  • करियर में नए अवसर मिल सकते हैं।
  • नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और इंक्रीमेंट मिलने की संभावना है।

मिथुन राशि पर कैसा रहेगा प्रभाव

  • करियर में तरक्की मिलने के प्रबल योग हैं।
  • समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है।
  • आर्थिक रुप से मजबूत हो सकते हैं।
  • नया व्यवसाय शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा।
  • जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है।
  • आय में वृद्धि के साथ आय के नए स्रोत बन सकते हैं।
  • नौकरीपेशा को पदोन्नति या वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकता है।

सिंह राशि पर कैसा होगा प्रभाव

  • परिवार और किस्मत का साथ मिल सकता है।
  • संतान की तरफ से कोई अच्छी खबर मिल सकती है।
  • इस अवधि में सेहत अच्छी रहने वाली है।
  • आय, साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है।
  • आकस्मिक धनलाभ के प्रबल योग हैं।
  • पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।
  • वैवाहिक जीवन में चली आ रही समस्याएं समाप्त हो सकती है।

कब बनता है गजकेसरी राजयोग

ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी राजयोग को बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है। जब चन्द्रमा और बृहस्पति एक ही राशि में हों या एक-दूसरे से केंद्र भाव में स्थित हों, तो गजकेसरी राजयोग का निर्माण होता है। जब कुंडली में चंद्रमा और गुरु एक-दूसरे से केंद्र स्थान (1, 4, 7, 10वें भाव) में हों या एक साथ विराजमान हों, तो गजकेसरी राजयोग बनता है।  यदि चन्द्र या गुरु में से कोई भी एक दूसरे के साथ उच्च राशि में हों तो भी गजकेसरी राजयोग बनता है। इस राजयोग के बनने से जातक को धन, बुद्धि, समाज, सम्मान, तरक्की, जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता मिलती है।

(डिसक्लेमर : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP Breaking News किसी भी ज्योतिषीय दावे या भविष्यवाणी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)