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गजकेसरी राजयोग: फरवरी से इन राशियों का गोल्डन टाइम,चमकेगा भाग्य का सितारा, सफलता के खुलेंगे नए द्वार

Written by:Pooja Khodani
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ज्योतिष में ग्रहों को बदलती चाल समय-समय पर कई योग निर्मित करती है। 6 फरवरी को गजकेसरी राजयोग का निर्माण हो रहा है, जो कई राशियों की किस्मत चमका देगा।
गजकेसरी राजयोग: फरवरी से इन राशियों का गोल्डन टाइम,चमकेगा भाग्य का सितारा, सफलता के खुलेंगे नए द्वार

Gajkesari Rajyog 2025: ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों में से चंद्रमा को सबसे तेज गति से चलने वाला ग्रह माना जाता हैं, क्योंकि चंद्रमा हर ढाई दिन में राशि परिवर्तन करते हैं, ऐसे में वे किसी न किसी ग्रह के साथ युति बनाते है, जिससे योग-राजयोग का निर्माण होता है।वही देवगुरू बृहस्पति साल में एक बार राशि परिवर्तन करते है।

पंचांग के अनुसार, वर्तमान में देवगुरु बृहस्पति वृषभ राशि में विराजमान है।6 फरवरी को चन्द्रमा भी वृषभ राशि में गोचर करने जा रहे है, ऐसे में वृषभ राशि में चन्द्र गुरू की युति से गजकेसरी राजयोग बनेगा, जो कई राशियों के लिए शुभ साबित होने वाला है। इन राशियों को धनलाभ के साथ कार्यों में सफलता मिलेगी।

तीन राशियों की किस्मत चमकाएगा गजकेसरी राजयोग का

कर्क राशि :फरवरी में बनने वाला गजकेसरी राजयोग जातकों के लिए शुभ साबित हो सकता है । व्यापार में मुनाफा मिल सकता है। नया व्यापार शुरू करने के लिए सुनहरा समय है।आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कार्यों के सफलता मिलेगी।

सिंह राशि: गजकेसरी राजयोग जातकों के लिए शुभ सिद्ध हो सकता है। आकस्मिक धन प्राप्ति के योग बनेंगे। मनोकामना पूरी हो सकती है। करियर नौकरी में सफलता मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति और लव लाइफ अच्छी रहने वाली है। पार्टनर के साथ रिश्ता मजबूत होगा।

तुला राशि: गजकेसरी राजयोग जातकों के लिए लकी साबित हो सकती है।भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है। मेहनत का फल अब मिल सकता है। यात्राओं के योग बनेंगे। नौकरीपेशा को विदेश में नौकरी के कई अवसर मिल सकते हैं। आय में भी खूब बढ़ोतरी हो सकती है। लव लाइफ भी अच्छी रहेगी । स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

कब बनता है कुंडली में गजकेसरी राजयोग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गजकेसरी योग मतलब हाथी के ऊपर सवार सिंह। इस योग में चंद्रमा की युति गुरु, बुध और शुक्र के साथ होती है। अगर चंद्रमा गुरु, बुध और शुक्र में से किसी एक से भी केंद्र में हो तो गजकेसरी योग का निर्माण जातक की कुंडली में होता है या अगर किसी जातक की कुंडली के लग्न,चौथे और दसवें भाव में गुरु-चंद्र साथ हो तो इस योग का निर्माण होता है। चंद्र या गुरु में से कोई भी एक दूसरे के साथ उच्च राशि में हो तो भी यह योग बनता है।

(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है।इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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