पितृ दोष एक ऐसी समस्या है जो जिस व्यक्ति की कुंडली में होती है तो उसे कई तरह की परेशानियों में डाल देती है। इससे न केवल घर की सुख समृद्धि प्रभावित होती है बल्कि हर काम में अड़चन भी आने लगती है।
किसी भी व्यक्ति को पितृ दोष, पितरों की नाराजगी की वजह से लगता है। ऐसा कहते हैं कि यह जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। आज हम आपको उन कर्म के बारे में बताते हैं जिसकी वजह से व्यक्ति पितृ दोष का शिकार हो जाता है। आपको यह भी बताते हैं कि कैसे आप इससे मुक्ति पा सकते हैं।
क्या है पितृ दोष के कारण
- अगर परिवार में किसी की मृत्यु हुई है और उसकी विधि पूर्वक अंतिम संस्कार नहीं किया गया है तो पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है। व्यक्ति को कामों में सफलता मिलनी बंद हो जाती है।
- किसी पूर्वज का पितृपक्ष के समय श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान नहीं किया जाता तो भी पितृ दोष लगता है। इससे घर में गृह क्लेश की स्थिति उत्पन्न होती है वह कर्ज बढ़ जाता है। घर में बेवजह अशांति भी बनी रहती है।
- अगर किसी व्यक्ति की अकाल मृत्यु हुई है और विधि पूर्वक अनुष्ठान नहीं हुआ है तो परिवार के सदस्यों को पितृदोष का सामना करना पड़ता है। इस तरह के घर के लोग कारोबार में कभी सफलता हासिल नहीं कर पाते।
- धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जो पीपल, बरगद जैसे पवित्र पेड़ों को काटता है उसे भी पितृदोष लगता है। इससे संतान सुख में कमी होती है और आर्थिक समस्या बनी रहती है।
करें ये उपाय
- पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करना शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इसमें ब्रह्मा विष्णु और शिव का उपवास माना जाता है। शनिवार के दिन पेड़ की जड़ में दूध मिलाकर जल अर्पित करें। सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसी के साथ 5 या 7 बार पेड़ की परिक्रमा जरूर करें। ऐसा करने से पितृ दोष दूर होता है।
- पितृ पक्ष ने पूर्वजों के मृत्यु तिथि के दिन विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण जरूर करें। ऐसा करने से पितृ दोष दूर होता है और पितृ प्रसन्न होते हैं।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।






