उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर में आयोजित ‘शिक्षामित्र सम्मान समारोह’ में शामिल हुए। यह कार्यक्रम प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा गतिविधि कैलेंडर ‘अरुणोदय’ का विमोचन भी किया। शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ शिक्षक ही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के निर्माता भी हैं और अभिभावकों का विश्वास बनाए रखना व विद्यार्थियों को आदर्श नागरिक बनाना उनकी जिम्मेदारी है।
‘शिक्षामित्र सम्मान समारोह’ में शामिल हुए सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘शिक्षामित्र सम्मान समारोह’ में शामिल हुए। यह कार्यक्रम प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने 1 लाख 43 हजार शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया है, जिसे इस साल अप्रैल से लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी शिक्षक हैं। अभिभावक जिस अटूट विश्वास के साथ अपने बच्चों को आपके पास भेजते हैं, उन बच्चों के भविष्य को संवारने और उन्हें एक आदर्श नागरिक बनाने की जिम्मेदारी आपके ऊपर है। उन्होंने सभी शिक्षामित्र बहनों-भाइयों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि “पहले देश, तब हम हैं… यह भाव हम सबको संरक्षित करेगा और सुरक्षित करेगा।” मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने और शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने की ये घोषणाएं
सीएम योगी ने इस अवसर पर घोषणा की कि सरकार ने शिक्षामित्रों को पांच लाख रुपये तक का सालाना कैशलेस स्वास्थ्य कवर देने का भी निर्णय लिया है जिसे शीघ्र लागू किया जाएगा। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहां लड़कियों के लिए रेजिडेंशियल विद्यालय स्थापित किए जाएंगे और सरकार इसके लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में अब सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम यह है कि ड्रॉप आउट रेट 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत रह गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का स्कूल छोड़ना राष्ट्र और समाज की क्षति है। आज सरकार एक करोड़ साठ लाख बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें सहित सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा रही है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों को सम्मानित भी किया गया और उनके कार्यों की सराहना की गई।






