ज्योतिषशास्त्र में दैत्यों के गुरु शुक्र की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। वे प्रेम, भोग-विलास, सौंदर्य, ऐश्वर्य और सुख के कारक माने जाते हैं। शुक्र एक निश्चित समय अंतराल के बाद चाल बदलते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वर्तमान में शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में विराजमान है। 19 अप्रैल 2026 (दृकपंचांग के अनुसार) को वे अपनी स्वराशि वृषभ में प्रवेश करेंगे जिससे मालव्य राजयोग का निर्माण होगा, जो 19 मई तक बना रहेगा। इसके बाद शुक्र मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे। यह राजयोग, पंच महापुरुष राजयोगों में से एक माना जाता है। इस राजयोग से धन, वैभव, सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। वैसे तो यह राजयोग सभी राशियों के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा, लेकिन तीन राशियों के लिए शुभ संकेत और नए अवसर लेकर आ सकता है। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में…
वृषभ राशि पर प्रभाव
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- व्यक्तित्व में निखार आएगा।
- आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
- पुराना फंसा हुआ पैसा वापस मिलने के प्रबल योग हैं।
- नौकरीपेशा को पदोन्नति (Promotion) और वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकता हैं।
- व्यापारियों को नई डील्स और साझेदारी से बड़ा मुनाफा हो सकता है।
- भौतिक सुख-साधनों में वृद्धि हो सकती है।
- शादी-शुदा लोगों का वैवाहिक जीवन शानदार रहने वाला है।
- अविवाहितों के लिए इस अवधि में विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं।
सिंह राशि पर प्रभाव:
- करियर और कारोबार के लिहाज से राजयोग फलदायी साबित हो सकता है।
- नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने के योग बनेंगे।
- समाज में मान प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।
- घर-परिवार से संबंधित कोई सुखद समाचार प्राप्त हो सकता है
- जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है।
- कला, फैशन डिजाइनिंग, संगीत, मॉडलिंग से जुड़े लोगों को विशेष लाभ की प्राप्ति हो सकती है।
मेष राशि पर प्रभाव:
- विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है।
- आकस्मिक धनलाभ की प्राप्ति हो सकती है।
- नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं।
- इस अवधि में काम- कारोबार से संबंधित यात्रा कर सकते हैं।
- भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा।
- वैवाहिक जीवन में मधुरता के साथ खुशियों की दस्तक हो सकती है।
कुंंडली में कब बनता है मालव्य राजयोग
- वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह राजयोग शुक्र से संबंधित है, जिस भी जातक की कुंडली में शुक्र लग्न से अथवा चन्द्रमा से केन्द्र के घरों में स्थित है अर्थात शुक्र यदि कुंडली में लग्न अथवा चन्द्रमा से 1, 4, 7 अथवा 10वें घर में वृष, तुला अथवा मीन राशि में स्थित है तो कुंडली में मालव्य राजयोग बनता है।
- शुक्र को धन, ऐश्वर्य, सौंदर्य, प्रेम, सुख-सुविधा और विलासिता का कारक माना जाता है ऐसे में शुक्र के मजबूत रहने पर व्यक्ति के जीवन में भौतिक सुखों में वृद्धि होती है। इससे फिल्म, संगीत, कला, मीडिया, फैशन जैसे क्षेत्रों में विशेष सफलता मिलती है। समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ती है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य वैदिक ज्योतिष मान्यताओं/पंचांग-आधारित गोचर गणना पर तैयार की गई है। व्यक्ति-विशेष पर परिणाम जन्मकुंडली, लग्न और दशा पर निर्भर करते हैं। MP Breaking News किसी भी भविष्यवाणी/दावे की गारंटी नहीं देता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)