Navpancham Rajyog 2025 : ज्योतिष में न्याय व दंड के देवता शनि और ग्रहों के राजा सूर्य की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है, , क्योंकि दोनों के बीच पुत्र पिता का संबंध है। शनि एक से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्ष का समय लेते है,ऐसे में एक ही राशि में दोबारा आने में शनि को करीब 30 साल लगते है।वही आत्मा व पिता के कारक सूर्य हर माह चाल बदलते है। वर्तमान में शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है । 17 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, ऐसे में सूर्य-शनि एक-दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा जो 3 राशियों के लिए लकी साबित होगा। आईए जानते है इन भाग्यशाली राशियों के बारें में……..
नवपंचम राजयोग से चमकेगी 3 राशियों की किस्मत
मकर राशि पर प्रभाव: सूर्य शनि का संयोग और नवपंचम राजयोग जातकों के लिए शुभ साबित हो सकता है। जीवन में खुशियों का आगमन होगा। हर क्षेत्र में अपार सफलता के योग है। आत्म विश्वास में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आकस्मिक धन लाभ के प्रबल योग है।परिवार में लंबे समय से चल रहा वाद-विवाद समाप्त हो सकता है। पैतृक व्यापार से लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य भी अच्छा रहने वाला है।
मीन राशि पर प्रभाव: सूर्य-शनि का नवपंचम राजयोग जातकों के लिए वरदान से कम साबित नहीं होगा। जीवन में खुशियों का आगमन हो सकता है।भाग्य का अच्छा साथ आपको मिलेगा।लंबे समय से रुके व अटके काम पूरे हो सकते हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। नौकरीपेशा को तरक्की मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।। व्यापार में लाभ पा सकते है और स्वास्थ्य भीअच्छा रहेगा।
वृश्चिक राशि पर प्रभाव : सूर्य शनि का नवपंचम राजयोग जातकों के लिए काफी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे होंगे ।नौकरी में वेतनवृद्धि के साथ-साथ पदोन्नति के लाभ मिल सकते हैं।जीवन मे खुशियों की दस्तक हो सकती है।कारोबार व करियर के क्षेत्र में लाभ मिल सकता है। आय के नए स्त्रोत खुलेंगे।इस अवधि में स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।इस समय कोई बड़ा प्रोजेक्ट या ऑर्डर मिल सकता है, जिससे व्यापार का विस्तार कर सकते है।
ऐसे बनता है कुंडली में नवपंचम राजयोग
ज्योतिष के मुताबिक, नवपंचम राजयोग तब बनता है जब दो ग्रह एक दूसरे से त्रिकोण भाव में स्थित हो जाते हैं। दोनों ग्रहों के बीच 120 डिग्री का कोण बनता है तथा एक ही तत्व राशि होती है। जैसै मेष, सिंह, धनु को अग्नि राशि, वृषभ, कन्या, मकर को पृथ्वी राशि, मिथुन, तुला, कुंभ को वायु राशि और कर्क वृश्चिक मीन को जल राशि माना जाता है, ऐसे में जब एक ही तत्व वाली दो राशियों में 2 ग्रह पहुंचकर 120 डिग्री का कोण, जिसे नक्षत्र के द्वारा भी जान सकते हैं, तो नवपंचम राजयोग बनता है।
(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है।इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)






