वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जनवरी की तरह फरवरी में भी ग्रहों का महागोचर होने वाला है। इसमें सबसे अहम ग्रहों के राजा सूर्य और दैत्यों के गुरु शुक्र ग्रह का गोचर है। वर्तमान में आत्मा, पिता व सम्मान के कारक माने जाने वाले सूर्य और प्रेम व सौंदर्य के कारक कहे जाने वाले शुक्र मकर राशि में विराजमान हैं।

13 फरवरी 2026 को सूर्य और 6 फरवरी 2026 को शुक्र कुंभ राशि (शनि की राशि) में गोचर करेंगे। दोनों ग्रहों के एक राशि में आने से शुक्रादित्य राजयोग (दृकपंचांग के अनुसार) का निर्माण करेंगे। वैसे तो यह राजयोग सभी राशियों के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा, लेकिन 3 राशि वालों को विशेष फल प्रदान कर सकता है। आइए जानते हैं कि ये तीन भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं?

मिथुन राशि पर प्रभाव

  • फरवरी से जातकों के अच्छे दिन शुरू होने के शुभ योग बनेंगे।
  • परिवार के साथ भाग्य का साथ मिलेगा।
  • किसी धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
  • देश-विदेश की यात्रा कर सकते हैं। भविष्य में इसका लाभ मिलने के योग हैं।
  • जमीन या संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने की संभावना है।
  • छात्रों का विदेश में जाकर पढ़ाई करने का सपना पूरा हो सकता है।

तुला राशि पर प्रभाव

  • इस अवधि में संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है।
  • वैवाहिक जीवन खुशहाल और शानदार रहने के प्रबल योग हैं।
  • अविवाहित लोगों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं।
  • आकस्मिक धनलाभ की प्राप्ति के प्रबल योग हैं।
  • आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।
  • समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होने की संभावना है।

मकर राशि पर प्रभाव

  • साहस व आत्मविश्वास में वृद्धि होने की संभावना है।
  • समाज में मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है।
  • इस अवधि में वैवाहिक जीवन शानदार रह सकता है।
  • अविवाहित लोगों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं।
  • साझेदारी में किए गए व्यापार से लाभ मिलने के योग हैं।
  • व्यापार और करियर के लिए परिस्थितियां अनुकूल रह सकती हैं।

कुंडली में कब बनता है शुक्रादित्य राजयोग

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्रादित्य राजयोग सूर्य और शुक्र की युति या विशेष संयोग से बनता है। आदित्य का मतलब सूर्य से होता है, इस तरह से जब कुंडली में सूर्य और शुक्र दोनों ग्रह एक साथ एक राशि में मौजूद हों तो शुक्रादित्य राजयोग बनता है। इस राजयोग से जातकों को विशेष फल, धन, सफलता, सुख-सुविधा, वैभव और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। यह विशेष रूप से उन राशियों पर सकारात्मक असर डालता है, जिनकी कुंडली में सूर्य और शुक्र अनुकूल स्थिति में होते हैं।

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य वैदिक ज्योतिष मान्यताओं/पंचांग-आधारित गोचर गणना पर तैयार की गई है। व्यक्ति-विशेष पर परिणाम जन्मकुंडली, लग्न और दशा पर निर्भर करते हैं। MP Breaking News किसी भी भविष्यवाणी/दावे की गारंटी नहीं देता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)