वट सावित्री व्रत पर जरूर पहनें इस रंग की साड़ी, इन रंगों से रहें दूर

वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में पड़ने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है। चलिए आज ये जान लेते हैं कि इस दिन सुहागिन महिलाओं को किन रंगों की साड़ी पहननी चाहिए।
Vat Savitri Vrat

हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों को काफी महत्व दिया गया है। सभी को मनाने के पीछे कोई ना कोई खास वजह है जिसकी वजह से सदियों से परंपराओं का पालन किया जाता रहा है। वट सावित्री व्रत भी एक ऐसा ही त्यौहार है जो महिलाओं के बीच बहुत प्रसिद्ध है। इस पावन त्यौहार पर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और घर की सुख समृद्धि के लिए पूजा पाठ और व्रत करती हैं।

वट सावित्री व्रत सुहागन महिलाओं का त्यौहार है। यही कारण है कि इस दिन महिलाएं सज संवरकर पूजन पाठ करती हैं। इस दिन हर महिला ट्रेडिशनल कपड़ों में नजर आती है और खासतौर पर साड़ी ही पहनी जाती है। हिंदू धर्म में रंगों का भी विशेष महत्व माना गया है इसलिए चलिए हम आपको बताते हैं कि इस त्यौहार के दिन आपको कौन से रंगों की साड़ी पहनी चाहिए।

पहनें इन रंगों की साड़ियां (Vat Savitri Vrat)

वट सावित्री एक धार्मिक पर्व है इसलिए ऐसी साड़ी पहने जिसका रंग धर्म से जुड़ा है। लाल रंग सुहागन महिलाओं के लिए बहुत खास माना गया है इसलिए आप इस रंग की साड़ी पहन सकती हैं। इसके अलावा हरा, नारंगी, पीला और पिंक रंग भी पहना जा सकता है। यह ब्राइट कलर होते हैं और धार्मिक रूप से भी शुभ माने जाते हैं।

इन रंगों से रहें दूर

कुछ ऐसे रंग हैं जो नकारात्मकता से जोड़कर देखे जाते हैं। वैसे तो आप इन्हें पहन सकते हैं लेकिन धार्मिक आयोजनों में ना पहनें तो ज्यादा बेहतर होगा। पूजन, पाठ और व्रत के दौरान काला, नीला और सफेद रंग बिल्कुल ना पहनें। ज्यादा फीके रंग भी ना पहनें।

सोलह श्रृंगार का रखें ध्यान

इस खास व्रत के दिन सोलर श्रृंगार करने का विशेष महत्व माना गया है। ज्यादा हैवी लुक नहीं चाहिए तो सुहाग की निशानी की चीज जरूर पहनें। आप गले में मंगलसूत्र, हाथ में चूड़ियां, पायल, बिछिया, नथ जैसी चीज पहन सकती हैं। इसके अलावा मेहंदी, कुमकुम, आलता, सिंदूर और बिंदी लगाना ना भूलें। अपने लुक को स्पेशल बनाने के लिए आप ज्वेलरी और मेकअप का उपयोग कर सकती हैं।

डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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