मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शनिवार रात एक सराफा व्यापारी के साथ हुई लूट की वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी। लांजी-आमगांव मार्ग पर हथियारबंद बदमाशों ने कामना ज्वेलर्स के संचालक कपिल आसटकर को निशाना बनाया। घटना उस समय हुई, जब वह रोज की तरह दुकान बंद कर सोने-चांदी के जेवरों से भरे दो बैग लेकर अपने घर जा रहे थे। बदमाशों ने उन्हें घेरकर लूट की कोशिश की और विरोध करने पर जानलेवा हमला कर दिया।
पीड़ित व्यापारी के अनुसार, जब उन्होंने बैग छोड़ने से इनकार किया तो आरोपियों ने पहले बंदूक से हवाई फायरिंग की, जिससे आसपास दहशत फैल गई। इसके बाद एक बदमाश ने उनके सिर पर लगातार कई बार लाठी से हमला किया। गंभीर चोट लगने के कारण वह बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान बदमाश दोनों बैग लेकर आमगांव रोड की ओर फरार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लूटे गए जेवरों की कीमत करीब 8 से 9 लाख रुपये बताई जा रही है।
वारदात कैसे हुई?
घटना के बाद घायल कपिल आसटकर को उनके परिजन तुरंत लांजी के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए महाराष्ट्र के गोंदिया रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक पुलिस ने आधिकारिक तौर पर आरोपियों की पहचान या लूट की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
जांच एजेंसियां आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं और वारदात के समय उस इलाके से गुजरने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बदमाश पहले से व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और उन्हें इस बात की जानकारी थी कि वह रोजाना दुकान बंद करने के बाद जेवर अपने साथ घर ले जाते हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपियों को व्यापारी की दिनचर्या की पहले से जानकारी तो नहीं थी। फिलहाल इलाके में नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है।
पहली बड़ी लूट से व्यापारियों में डर
स्थानीय लोगों का कहना है कि लांजी क्षेत्र में सराफा व्यापारी के साथ इस तरह की यह पहली बड़ी लूट की घटना है। इसलिए व्यापारियों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। व्यापारिक संगठनों का मानना है कि यदि बाजार और संवेदनशील इलाकों में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए तो ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। कई व्यापारियों ने कीमती सामान ले जाने के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने की भी मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में सराफा कारोबारियों को निशाना बनाकर लूट की घटनाओं में सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है। दुकान बंद करने के समय तय रूट बदलना, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करना और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लेना ऐसे कदम हैं, जो जोखिम को कम कर सकते हैं। फिलहाल इस मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड का खुलासा कब तक कर पाती है।






