मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली शहर के अंबेडकर वार्ड में रविवार रात एक दुखद हादसा हुआ। साढ़े चार साल का देवांश ठाकुर बुखार होने की वजह से दवा खाकर घर के सामने दहलान में सो रहा था। इसी दौरान घर में रखा डीजे का सामान हटाया और व्यवस्थित किया जा रहा था। अचानक संतुलन बिगड़ने से एक भारी साउंड बॉक्स सीधे बच्चे के सिर पर गिर गया। हादसे के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई और परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे।
परिजनों के मुताबिक, बॉक्स गिरते ही बच्चे के सिर में गंभीर चोट लगी और काफी खून बहने लगा। करेली अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल नरसिंहपुर रेफर कर दिया। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम ने रास्ते में दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे से परिवार पूरी तरह सदमे में है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
सामान उठाते समय कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
जानकारी के अनुसार, जिस घर में यह हादसा हुआ, वहां अभिषेक नाम के व्यक्ति का डीजे का सामान रखा हुआ था। रविवार रात राहुल लोधी, राजा रजक, नीलेश ठाकुर, संदीप कुशवाहा और एक अन्य व्यक्ति मिलकर डीजे के भारी उपकरणों को उठाकर व्यवस्थित कर रहे थे। इसी दौरान एक बड़ा साउंड बॉक्स संतुलन खो बैठा और सीधे उस जगह जा गिरा, जहां देवांश अपनी मां के पास सो रहा था। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चे को उठाया और बाइक से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना लापरवाही या सामान उठाने के दौरान संतुलन बिगड़ने की वजह से हुई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि डीजे का भारी सामान रखने और उठाने के दौरान जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे या नहीं। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस जांच शुरू, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
सोमवार सुबह अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया। मृतक की मां अनिल कुमारी के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा केवल दुर्घटना था या इसमें किसी तरह की लापरवाही की भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि घरों और आयोजनों में भारी उपकरणों को संभालते समय अतिरिक्त सावधानी कितनी जरूरी होती है। खासकर जब आसपास छोटे बच्चे मौजूद हों, तब सुरक्षा को लेकर जरा सी चूक भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि डीजे, जनरेटर और अन्य भारी सामान को हमेशा सुरक्षित तरीके से रखा और उठाया जाना चाहिए। फिलहाल नरसिंहपुर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, जबकि मासूम की मौत से पूरे करेली क्षेत्र में गहरा दुख और शोक का माहौल बना हुआ है।






