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किसान से जमीन के नामांतरण के लिए पटवारी ने ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Written by:Atul Saxena
Published:
किसान संदीप कुमार की माँ ममता देवी ने 7 एकड़ जमीन ग्राम मुआर ,तहसील गोटेगांव में खरीदी थी। जमीन के नामांतरण के लिए हल्का पटवारी घनश्याम गढ़वाल आवेदक से 10000/- रुपये की मांग कर रहा था,जिसकी शिकायत आवेदक ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर से की ।
किसान से जमीन के नामांतरण के लिए पटवारी ने ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Lokayukta police Jabalpur caught Patwari red-handed accepting bribe

जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव तहसील में पदस्थ एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने में सफलता हासिल की है, आरोपी पटवारी एक किसान से उसकी माँ द्वारा खरीदी गई जमीन के नामंतारंके बदले रिश्वत ले रहा था।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव तहसील ले ग्राम पड़रिया निवासी किसान संदीप कुमार ने एक शिकायती आवेदन उनके कार्यालय में दिया था जिसमें हल्का पटवारी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

किसान संदीप कुमार ने बताया कि उसकी माँ ममता देवी ने ग्राम मुआर, तहसील गोटेगांव में  7 एकड़ जमीन 29 अप्रैल 2026 को खरीदी थी। जमीन के नामांतरण के लिए पटवारी हल्का नंबर 41 ग्राम मुरदई घनश्याम गढ़वाल 10000/- रुपये की मांग कर रहा था।  शिकायती आवेदन मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने सत्यापन किया।

10 हजार मांगे थे 5000 रुपये लेने के लिए हो गया तैयार  

सत्यापन में पटवारी घनश्याम गढ़वाल किसान संदीप कुमार से 10000/- रुपये की जगह 5000/- रुपये लेने के लिए तैयार हो गया, दोनों की ये पूरी संदीप कुमार को लोकायुक्त पुलिस जबलपुर द्वारा दिए गए टेप में रिकॉर्ड हो गई, रिश्वत मांगने का सबूत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप की तैयारी की।

रिश्वत हाथ में आते ही लोकायुक्त टीम ने पटवारी को  दबोच लिया 

आज 1 जून 2026 को ट्रैप दल जबलपुर से नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव तहसील गया, यहाँ पटवारी  घनश्याम गढ़वाल द्वारा बताये उसके प्राइवेट कार्यालय, महिंद्रा शोरूम के बगल में, टीला, गोटेगांव पर आवेदक संदीप कुमार को पहुंचाया, वहां किसान संदीप कुमार ने जैसे ही रिश्वत की राशि 5000/- रुपये पटवारी को घनश्याम गढ़वाल को दी पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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