नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार का दिन आम दिनों की तरह ही शुरू हुआ था। यात्री अपने सफर की तैयारी में लगे थे, कोई ट्रेन का इंतजार कर रहा था तो कोई अपने सामान के साथ प्लेटफॉर्म पर बैठा था। लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरे माहौल को डर और अफरा-तफरी में बदल दिया।
गाडरवारा स्टेशन मधुमक्खी हमला की यह घटना इतनी तेजी से हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इंटरसिटी एक्सप्रेस के आने से ठीक पहले मधुमक्खियों के झुंड ने यात्रियों पर हमला कर दिया और देखते ही देखते पूरा प्लेटफॉर्म भगदड़ में बदल गया।
इंटरसिटी ट्रेन के आते ही कैसे भड़की मधुमक्खियां
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर भारी भीड़ मौजूद थी और इंटरसिटी ट्रेन स्टेशन पर पहुंचने वाली थी। इसी दौरान स्टेशन परिसर के पास पानी की टंकी पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते अचानक सक्रिय हो गए।
जैसे ही मधुमक्खियां भड़कीं, उन्होंने पूरे प्लेटफॉर्म को घेर लिया और यात्रियों पर हमला शुरू कर दिया। इस गाडरवारा स्टेशन मधुमक्खी हमला घटना में कई लोग अचानक घिर गए और बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस स्थिति ने कुछ ही सेकंड में पूरे स्टेशन को दहशत में डाल दिया, जहां हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था।
भगदड़ और घायल यात्रियों की हालत
मधुमक्खियों के हमले के बाद प्लेटफॉर्म पर भगदड़ मच गई। लोग बिना कुछ सोचे-समझे भागने लगे, जिससे कई यात्री गिर पड़े और घायल हो गए। एक दर्जन से ज्यादा लोगों को मधुमक्खियों ने डंक मारा।
गाडरवारा स्टेशन मधुमक्खी हमला में घायल हुए यात्रियों को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ यात्रियों की हालत ज्यादा खराब बताई जा रही है, जिन्हें ज्यादा निगरानी में रखा गया है। इस घटना के कारण कई लोगों ने अपनी यात्रा बीच में ही रद्द कर दी और स्टेशन पर कुछ समय के लिए ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ।
रेलवे प्रशासन की कार्रवाई और लापरवाही के सवाल
घटना के तुरंत बाद रेलवे प्रशासन ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 को खाली कराया और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। लेकिन इस गाडरवारा स्टेशन मधुमक्खी हमला ने प्रशासन की तैयारी और सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन परिसर में लंबे समय से मधुमक्खियों के बड़े-बड़े छत्ते लगे हुए थे, जिसकी शिकायत कई बार की गई थी। इसके बावजूद समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।






