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आदिवासी कन्या छात्रावास में कीड़े वाला भोजन परोसे जाने पर भड़के उमंग सिंघार, बोले- ये छात्राओं की सेहत और सम्मान के साथ खिलवाड़

Written by:Atul Saxena
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उमंग सिंघार ने कहा- जिन बेटियों के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार पर है, उन्हें कीड़े वाला खाना परोसा जा रहा है। फिर किस मुँह से भाजपा सरकार आदिवासी कल्याण और विकास की बात करती है?
आदिवासी कन्या छात्रावास में कीड़े वाला भोजन परोसे जाने पर भड़के उमंग सिंघार, बोले- ये छात्राओं की सेहत और सम्मान के साथ खिलवाड़

Umang Singhar

मध्य प्रदेश सरकार आदिवासियों के विकास के कई कार्यक्रम चला रही है, कई योजनाओं के माध्यम से उनके उत्थान के प्रयास किये जा रहे हैं, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त भोजन सहित आदिवासी छात्रावास में मुफ्त निवास की भी सुविधा दी जा रही है लेकिन सरकारी मुलाजिम सरकार की मंशा को किस तरह पलीता लगा रहे हैं इसका खुलासा हुआ है और अब कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है

मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद् ने जबलपुर स्थित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को कीड़े युक्त चावल और घुन लगी दाल परोसे जाने का दावा किया, उनका कहना था कि छात्राओं द्वारा उन्हें उपलब्ध कराये गए फोटो में कीड़े, इल्लियाँ, घुन साफ़ दिखाई दे रहे हैं, उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर इस्क्सी शिकायत की और ज्ञापन सौंपा, परिषद् के सदस्यों का कहना था कि अक्टूबर में उन्होंने शिकायत की थी तब केवल आश्वासन मिला कोई कार्रवाई नहीं हुई, परिषद् ने इस बार भी कार्रवाई नहीं होने के स्थिति में प्रदर्शन की चेतावनी दी है, परिषद् ने जाँच की मांग की है

आदिवासी कन्या छात्रावास में कीड़े वाला भोजन परोसने की खबर को मीडिया ने भी प्रमुखता से जनता तक पहुंचाया जिसके बाद कांग्रेस आक्रोशित है, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस एलेकर प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला किया है, उन्होंने X पर लिखा- आदिवासी बेटियों की थाली में पोषण नहीं, कीड़े परोसे जा रहे हैं, जबलपुर के आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं को कथित रूप से कीड़े वाला भोजन दिए जाने की घटना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। जिन छात्रावासों की जिम्मेदारी आदिवासी बेटियों के भविष्य को संवारने की है, वहीं उनकी सेहत और सम्मान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

आदिवासी बेटियों को सम्मानजनक भोजन तक नसीब नहीं हो रहा

उन्होंने आगे लिखा-  दिन-रात आदिवासियों के हितैषी होने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री मोहन यादव जी, आपके शासन में आदिवासी बेटियों को सम्मानजनक भोजन तक नसीब नहीं हो रहा। जिन बेटियों के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार पर है, उन्हें कीड़े वाला खाना परोसा जा रहा है। फिर किस मुँह से आपकी सरकार आदिवासी कल्याण और विकास की बात करती है?

आदिवासी समाज इस अन्याय को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा

उमंग सिंघार ने कहा-  आदिवासी समाज अपनी बेटियों के साथ हो रहे इस अन्याय को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई हो और प्रदेश की सभी आदिवासी छात्रावासों की जांच कर जवाबदेही तय की जाए। मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद, जबलपुर के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह तेकाम के नेतृत्व में परिषद ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की माँग की है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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