जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है और अधर्म का बोलबाला होता है, तब-तब उसके पुनरुत्थान और पुनर्स्थापना हेतु सुदर्शन की अनिवार्यता स्वतः सिद्ध हो जाती है। यह कोई नवीन सिद्धांत नहीं, अपितु सनातन काल से चला आ रहा शाश्वत सत्य है। यही शाश्वत सत्य बिजनौर की उस पावन धरती से उद्घोषित हुआ, जिसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘महाभारत की धरती’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि धर्म की स्थापना के लिए सुदर्शन आवश्यक है।
महाभारत का संदेश स्पष्ट है: जो धर्म का संरक्षण करता है, धर्म स्वयं उसकी रक्षा करता है; परंतु जो स्वार्थवश धर्म का विनाश करता है, धर्म उसका भी समूल नाश कर देता है। यह उद्घोष मात्र शब्द नहीं, अपितु एक संकल्प का प्रतिबिंब है, जो वर्तमान में न्याय और धर्म की स्थापना का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
विस्थापित परिवारों को सौंपे भूमिधरी अधिकार पत्र
इसी धर्म-रक्षा के संकल्प के तहत, मुख्यमंत्री ने बिजनौर में पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों और पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित कर एक ऐतिहासिक न्याय की स्थापना की। यह उन हजारों हिंदू और सिख परिवारों के लिए एक अविस्मरणीय और भावुक क्षण था, जिन्हें 1946-48 के विभाजन के दौरान पाकिस्तान में मजहबी कट्टरता और अमानवीय अत्याचारों के कारण अपनी पैतृक संपत्ति, घर-बार और मातृभूमि को त्यागने पर विवश होना पड़ा था। दशकों के इस अन्यायपूर्ण वनवास के पश्चात्, इन विस्थापित परिवारों की चौथी पीढ़ी को आज उनकी भूमि का मालिकाना हक प्राप्त हुआ है, जो सरकार के दृढ़ संकल्प और न्याय स्थापना के प्रति अटूट निष्ठा का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
गौ संरक्षण के मुद्दे पर बोले मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति के मूलभूत स्तंभ, गौ संरक्षण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति में माता के समान पूजनीय है और इस सत्य को किसी बाह्य घोषणा की आवश्यकता नहीं है। गो-हत्या को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और प्रदेश में इसके विरुद्ध सख्त कानून प्रभावी रूप से लागू हैं।
मुख्यमंत्री ने गंगा और गौ माता, दोनों को भारतीय परंपरा में माता का पवित्र दर्जा प्राप्त होने का उल्लेख किया। उन्होंने बलपूर्वक कहा कि राष्ट्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का सम्मान अक्षुण्ण रहना चाहिए, क्योंकि यही हमारी पहचान और हमारी आत्मा है।
देश की सुरक्षा पर एकजुट होने का आह्वान
मुख्यमंत्री योगी ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की दयनीय स्थिति पर भी प्रकाश डाला, जहां उन पर होने वाली घटनाओं पर कुछ तथाकथित धार्मिक नेताओं की ओर से मौन साधे रखना चिंताजनक है। उन्होंने देश की सुरक्षा और वीर सैनिकों के सम्मान के मुद्दे पर सभी से एकजुट होकर खड़े होने का आह्वान किया, क्योंकि राष्ट्र की अखंडता सर्वोपरि है।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अराजकता के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है, जो प्रदेश को भयमुक्त बनाने के संकल्प का द्योतक है। किसी भी प्रकार की हिंसा, छुरेबाजी अथवा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली विघटनकारी गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा, क्योंकि ये राष्ट्र की आत्मा पर सीधा प्रहार हैं और सभ्य समाज में इनका कोई स्थान नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में विगत वर्षों में बिना किसी जाति या धर्म के भेदभाव के विकास योजनाएं संचालित की गई हैं, जिनका सुफल समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँच रहा है।






