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“यूपी में तानाशाही चरम पर..” प्रयागराज में पेपर लीक पर चर्चा के दौरान अधिकारियों पर भड़के संजय सिंह, बोले- डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल

Written by:Gaurav Sharma
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प्रयागराज में पेपर लीक पर छात्रों संग संवाद कर रहे AAP सांसद संजय सिंह को प्रशासन ने रोका। इस हस्तक्षेप पर सांसद और अधिकारियों में तीखी नोकझोंक हुई, संजय सिंह ने तानाशाही का आरोप लगाया।
“यूपी में तानाशाही चरम पर..” प्रयागराज में पेपर लीक पर चर्चा के दौरान अधिकारियों पर भड़के संजय सिंह, बोले- डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल

प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों के भविष्य से जुड़े पेपर लीक मामले पर हो रही चर्चा अचानक प्रशासन के हस्तक्षेप से गरमा गई। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह सर्किट हाउस में छात्रों के साथ पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन की आवश्यकता पर संवाद कर रहे थे, तभी अपर जिलाधिकारी (एडीएम) सिटी सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य पुलिस बल के साथ सभागार में पहुँच गए।

अधिकारियों ने सांसद संजय सिंह से एकांत में बात करने का आग्रह किया, जिस पर संजय सिंह अपनी जगह पर डटे रहे और अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। इस घटनाक्रम से सांसद और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। संजय सिंह ने अपनी बात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। उन्होंने लिखा, “प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में तानाशाही अपने चरम पर है। बंद कमरे में भी लाखों छात्रों के भविष्य पर चर्चा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर बात करने से रोकने के लिए प्रशासन पहुँच गया है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि “मोदी-योगी की डबल इंजन सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है और वह विपक्ष को कुचलना चाहती है।”

सर्किट हाउस में प्रशासनिक दखल पर भड़के सांसद

सांसद संजय सिंह ने अधिकारियों से सवाल किया कि क्या वे किसी प्रकार से कानून व्यवस्था भंग कर रहे थे, जिसके चलते उन्हें रोका जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों की सर्किट हाउस में उपस्थिति पर भी प्रश्न उठाया। संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि सर्किट हाउस के अंदर आने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है, जबकि यदि यह कार्यक्रम किसी सार्वजनिक स्थान या सड़क पर होता, तो उसे रोका जा सकता था। उन्होंने अधिकारियों पर सांसद के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया और इस मामले की शिकायत विशेषाधिकार समिति से करने की बात कही। उल्लेखनीय है कि एडीएम सिटी के कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने के समय सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।

सांसद संजय सिंह ने अधिकारियों के समक्ष यह भी तर्क दिया कि सर्किट हाउस किसी की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि इसका निर्माण जनता के पैसे से हुआ है। उन्होंने पूछा कि क्या यहाँ कोई देश विरोधी बातों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यहाँ परीक्षाओं में हुए पेपर लीक को लेकर चर्चा की जा रही है। इस संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करना अब गुनाह हो गया है।

मनीष सिसोदिया ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

संजय सिंह ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि यह पहली बार है जब वह देख रहे हैं कि प्रशासन की ओर से पेपर लीक पर बात न करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लाखों छात्रों का जीवन बर्बाद हो रहा है, लेकिन इस पर चर्चा नहीं की जा सकती। आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने भी इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। सिसोदिया ने लिखा कि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में पेपर लीक पर बात करना सबसे बड़ा अपराध बन गया है। इस पूरे प्रकरण ने प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है, जहाँ विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है।

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