
BHOPAL POLICE ARREST KALA IRANI
Balaghat News : मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा थाना अतर्गत धर्मशाला में 13 जून 2022 को हुए अंधे हत्याकांड का पूरे 2 वर्ष बाद बिरसा पुलिस ने खुलासा किया है। जिसमें मृतक जयराम की हत्या में पुलिस ने उसके ही पिता सूबेलाल मरकाम को हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि पिता सूबेलाल मरकाम ने ही 13 जून 2022 को बेटे जयराम की मौत की सूचना पुलिस को दी थी। जिसमें उसने बिरसा पुलिस को बताया था कि घर के पीछे नाले के पास पेड़ पर बेटे जयराम का शव लटका है।
क्या है पूरा मामला
घटना की जानकारी मिलने के बाद बिरसा पुलिस ने शव बरामद किया था, तब पुलिस को मृतक के गुप्तांग में चोटे और खून मिला था। जिसकी पीएम रिपोर्ट से पुलिस को पता चला था कि उसकी हत्या कर शव का फांसी पर लटकाया गया है। जिस पर बिरसा पुलिस ने जयराम की हत्या में अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा 302, 201 के तहत अपराध कायम कर विवेचना में लिया था। जिसमें बिरसा पुलिस लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और निर्देशन में आरोपी की पतासाजी करने का प्रयास कर रही थी। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि जयराम का परिवारवालों से विवाद था। जिससे संभावना थी कि परिवारवालों में ही किसी ने उसकी हत्या की है, लेकिन पुलिस के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं था। पुलिस, हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर जानकारी जुटाने में जुट गई। जिसके बाद पुलिस को पता चला कि उसके पिता सूबेलाल ने ही अपने बेटे जयराम की हत्या कर उसे फांसी पर लटका दिया था। जिस पर पुलिस ने मृतक जयराम के पिता सूबेलाल को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। आरोपी सूबेलाल ने पुलिस पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस को आरोपी सूबेलाल ने बताया कि बेटे जयराम आए दिन शराब पीने पैसा मांगा करता था। जो शराब पीकर परेशान और झगड़ा करने के कारण ही मैने उसकी हत्या की है और सबूत नष्ट करने के लिए उसके ही गमछे से ही उसे पेड़ पर फांसी में लटका दिया था। बिरसा पुलिस ने बेटे की हत्या का अपराध स्वीकार करने के बाद धर्मशाला निवासी आरोपी 52 वर्षीय पिता सूबेलाल पिता चैतु मरकाम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भिजवा दिया है। दो साल बाद बेटे की हत्या में आरोपी पिता को गिरफ्तार करने में एडीएसपी के.एल. बंजारे के निर्देशन में एसडीओपी अरविंद कुमार शाह, बिरसा थाना प्रभारी रेवलसिंह बरडे, मछुरदा चौकी प्रभारी उनि. अभिषेकसिंह तोमर, प्रआर. भरतसिह परते, आरक्षक जगदीश धुर्वे, अजय तोमर, अर्पित धुर्वे, गजेन्द्रसिंह यादव, सम्पत उईके, विनोद भलावी, प्रिंस पटेल, विनोद प्रजापति सुनील सरोते और रामसिंह अहाके की भूमिका रही।
बालाघाट से सुनील कोरे की रिपोर्ट
