बालाघाट जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र के कलकत्ता गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अंधविश्वास और लालच किस तरह लोगों को अपराध की राह पर ले जा सकता है। घर में दबे खजाने की झूठी बात पर यकीन कर कुछ लोगों ने महिला के घर में घुसकर जानलेवा हमला किया। पुलिस की तेजी से की गई जांच के बाद मामले का खुलासा हो गया।
तांत्रिक की बात पर भरोसा कर रची गई वारदात
पुलिस के मुताबिक, 11 जुलाई की रात 48 वर्षीय लीलाबाई माहेश्वरी अपने घर में अकेली थीं। इसी दौरान कुछ नकाबपोश लोग घर में घुस आए। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपियों को एक तांत्रिक ने यह विश्वास दिलाया था कि महिला ने कथित “डबल मनी स्कीम” से बड़ी रकम कमाई है और उसे घर की जमीन में छिपाकर रखा है। इसी लालच में आरोपियों ने रात के अंधेरे में घर में घुसकर कथित खजाने की तलाश शुरू कर दी।
महिला की आहट मिलने पर आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। उनके सिर, चेहरे और हाथों पर कई वार किए गए। गंभीर रूप से घायल महिला को बाद में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकले, लेकिन जल्दबाजी में एक मोबाइल फोन घटनास्थल पर ही छूट गया, जिसने पूरे मामले की जांच में अहम भूमिका निभाई।
मोबाइल फोन बना सबसे बड़ा सबूत
घटना की जानकारी मिलते ही किरनापुर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम बनाई गई। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और साइबर सेल ने वहां मिले मोबाइल फोन की तकनीकी जांच शुरू की। इसी जांच के आधार पर पुलिस रजेगांव निवासी वंश कूथे तक पहुंची और पूछताछ के बाद पूरी साजिश सामने आने लगी।
पुलिस जांच में पता चला कि तांत्रिक रामसिंह ने आरोपियों को यह झूठी जानकारी दी थी कि महिला के घर में करोड़ों रुपये गड़े हुए हैं। इसी अफवाह ने 11 लोगों को अपराध करने के लिए उकसाया। पुलिस ने इस मामले में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए दो चाकू और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।






