दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को बैतूल में राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के प्रमुख स्थल लल्ली चौक पर इकट्ठा हुए एनएसयूआइ कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंककर अपना तीव्र रोष व्यक्त किया। इस दौरान संगठन ने गृह मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के बाद, एनएसयूआइ ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा, जिसमें इस अमानवीय लाठीचार्ज के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई गई।
यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली में पिछले माह की एक गंभीर घटना से जुड़ा है। उस समय, छात्रों का एक बड़ा समूह अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहा था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के छात्रों पर अचानक लाठीचार्ज कर दिया। इस बर्बर लाठीचार्ज में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद देशभर के छात्र संगठनों में गहरा आक्रोश फैल गया था। इस घटना ने लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसकी व्यापक निंदा की गई।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआइ का स्पष्ट मत है कि दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर किया गया यह लाठीचार्ज उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा और अक्षम्य हनन है। संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने बैतूल में प्रदर्शन के दौरान दृढ़ता से चेतावनी दी है कि यदि इस निंदनीय घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो एनएसयूआइ पूरे देश में एक बड़ा और व्यापक आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगा। छात्रों ने पुरजोर तरीके से कहा कि वे अपने साथियों पर हुए इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, रखीं कई प्रमुख मांगें
राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में एनएसयूआइ ने कई अत्यंत महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। ज्ञापन में प्रमुख मांग यह है कि जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले में तत्काल जवाबदेही तय की जाए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके पद से तत्काल इस्तीफा लिया जाए। एनएसयूआइ ने यह भी मांग की है कि इस अमानवीय लाठीचार्ज में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, जिसमें उनकी सेवा से बर्खास्तगी भी शामिल हो। इसके अतिरिक्त, संगठन ने आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज किए गए सभी एफआईआर को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की भी मांग की है। संगठन ने जोर देकर कहा कि छात्रों के साथ हुए इस अन्याय के लिए उन्हें न्याय मिलना अत्यंत आवश्यक है।
बैतूल में हुए इस महत्वपूर्ण विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआइ के जिला उपाध्यक्ष नीलेश धुर्वे और अमन खान ने संयुक्त रूप से किया। उनके कुशल नेतृत्व में बड़ी संख्या में एनएसयूआइ के कार्यकर्ता लल्ली चौक पर एकत्र हुए और अपनी जायज मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप तथा उचित कार्रवाई की मांग दोहराई। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे और छात्रों के हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।






